खेल मंत्री ने एनडीटीएल के कामकाज की समीक्षा कर स्कूलों में डोपिंग रोधी अभियान चलाने की अपील की

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खेल मंत्री ने एनडीटीएल के कामकाज की समीक्षा कर स्कूलों में डोपिंग रोधी अभियान चलाने की अपील की

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 07:41 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 07:41 PM IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि डोपिंग जैसी ‘गंभीर चुनौती’ के खिलाफ जागरूकता अभियान को स्कूलों और कॉलेजों तक विस्तारित करने की आवश्यकता है।

मांडविया ने कहा कि देश के तेजी से बढ़ते खेल ढांचे में प्रतिबंधित पदार्थों के दुरुपयोग को रोकना एक बड़ी चिंता है। उन्होंने घोषणा की कि खेलो इंडिया से जुड़े खिलाड़ियों के लिए डोपिंग रोधी जागरूकता सत्र अनिवार्य होंगे और ‘‘नो योर मेडिसिन (अपनी दवा को समझो)” ऐप को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय खेलों और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अनिवार्य डोपिंग रोधी जागरूकता सत्रों से गुजरना होगा।’’

खेल मंत्रालय ने कुछ महीने पहले स्वीकार किया था कि पिछले तीन वर्षों में खेलो इंडिया मिशन से 1300 से अधिक खिलाड़ियों को बाहर किया गया, जिनमें से कई डोपिंग उल्लंघनों के कारण हटाए गए थे।

मांडविया ने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए ‘नो योर मेडिसिन’ ऐप का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा, ‘‘ ‘नो योर मेडिसिन’ मोबाइल ऐप को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराना जरूरी है ताकि खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ प्रतिबंधित पदार्थों को बेहतर तरीके से समझ सकें और सही निर्णय ले सकें।’’

उन्होंने एनडीटीएल की वैश्विक भूमिका बढ़ाने पर भी जोर देते हुए कहा, ‘‘ प्रयोगशाला में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के नमूनों की जांच की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जानी चाहिये।’’

पिछले वर्ष एनडीटीएल ने 7,000 से अधिक नमूनों के परीक्षण किए थे, जिनमें 1.5 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर दर्ज की गई। भारत पिछले तीन वर्षों से विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की सूची में सबसे अधिक डोपिंग उल्लंघन वाले देशों में शामिल रहा है।

सरकार मौजूदा डोपिंग रोधी कानून में संशोधन कर प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी और रखने को आपराधिक बनाने की दिशा में काम कर रही है लेकिन मांडविया ने कहा कि केवल सजा से समस्या का समाधान नहीं होगा। साफ खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक सामाजिक आंदोलन की जरूरत है।

एनडीटीएल भारत की एकमात्र वाडा से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला है। यह एशिया की छह मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में शामिल है।

इस बैठक में खेल सचिव हरि रंजन राव, विभिन्न राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि और एनडीटीएल के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पी.एल. साहू उपस्थित थे।

भाषा

आनन्द सुधीर

सुधीर