दिनुशा, सूरियाबंडारा की अर्धशतकीय पारियों से श्रीलंका का संघर्ष जारी
दिनुशा, सूरियाबंडारा की अर्धशतकीय पारियों से श्रीलंका का संघर्ष जारी
(तस्वीरों के साथ)
कोलंबो, 25 अगस्त (भाषा) भारतीय गेंदबाज सोनल दिनुशा की अगुवाई में श्रीलंका के पुछल्ले बल्लेबाजों के संघर्ष को खत्म करने में नाकाम रहे जिससे बारिश और खराब रोशनी के कारण मंगलवार को दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन का खेल जल्दी खत्म होने तक श्रीलंका ने आठ विकेट पर 265 रन बना लिए।
दिन के खेल के समापन के समय दिनुशा 85 और लाहिरु कुमारा आठ रन बनाकर क्रीज पर थे। श्रीलंका को फॉलोऑन टालने के लिए अब 39 रन और बनाने हैं। पासिंदु सूरियाबंडारा ने भी 80 रन की शानदार पारी खेली।
भारत ने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 503 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी। इस तरह से श्रीलंका उससे अभी 238 रन पीछे है।
चाय के विश्राम के समय सात विकेट पर 216 रन के स्कोर से आगे खेलते हुए श्रीलंका के जल्दी सिमटने के आसार दिख रहे थे। दिनुशा ने हालांकि लगातार तीसरी पारी में 50 से अधिक रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया और दो सत्र तक उन्हें विकेट के लिए तरसाए रखा।
छोटे कद के बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने शानदार जुझारूपन और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। प्रसिद्ध कृष्णा (47 रन पर तीन विकेट) ने उनके खिलाफ शॉर्ट गेंदों और पैरों को निशाना बनाती गेंदों का इस्तेमाल किया, जबकि मानव सुथार (83 रन पर तीन विकेट), रविंद्र जडेजा (45 रन पर एक विकेट) और सारांश जैन ने स्पिन के जरिए उन्हें परेशान करने की कोशिश की। लेकिन 25 वर्षीय दिनुशा ने हर चुनौती का डटकर सामना किया।
दिनुशा ने 84 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्हें केशारा नुवांता (18) और लाहिरु के रूप में दो जुझारू साथी मिले। नुवांता के साथ उन्होंने आठवें विकेट के लिए 57 रन जोड़े। नुवांता ने 74 गेंदों का सामना किया। इसके बाद दिनुशा ने लाहिरु के साथ नौवें विकेट के लिए अब तक 35 रन की अटूट साझेदारी कर ली है। लाहिरु 65 मिनट में 50 गेंदें खेल चुके हैं।
एसएससी मैदान पर भारतीय गेंदबाजों को निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ पुरानी कमजोरी फिर सामने आने से निराशा हुई होगी।
श्रीलंका ने सुबह दो विकेट पर आठ रन से आगे खेलना शुरू किया और पहले सत्र में 122 रन जोड़े। बारिश के कारण देर से शुरू हुए दूसरे सत्र में उसने 86 रन जोड़े और इस बीच तीन विकेट गंवाए।
मानव सुथार की सटीक गेंदबाजी से भारत ने लंच के बाद श्रीलंका को शुरुआती झटका दिया। सुथार की गेंद धनंजय डी सिल्वा के बल्ले का किनारा लेकर पहली स्लिप में केएल राहुल के सुरक्षित हाथों में चली गई।
लेकिन श्रीलंका को सबसे बड़ा झटका सूरियाबंडारा के आउट होने से लगा, जिन्होंने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। रविंद्र जडेजा ने उन्हें चकमा देकर बोल्ड किया।
इसके दो रन बाद मोहम्मद सिराज (33 रन पर एक विकेट) ने लेग साइड से डाली गई एक साधारण सी गेंद पर निरोशन डिकवेला (शून्य) को आउट कर दिया। विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने उनका कैच लिया।
पहले सत्र के खेल के दौरान ऋषभ पंत की जगह क्षेत्ररक्षण करने आए सरफराज खान, मोहम्मद सिराज और श्रीलंकाई बल्लेबाजों के बीच हुई जुबानी जंग से यह सत्र और भी रोमांचक हो गया।
प्रसिद्ध कृष्णा ने दिन के सातवें ओवर में ही अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे कामिल मिसारा (19) को विकेट के पीछे कैच करा दिया। प्रसिद्ध की तेजी से उठती गेंद को मिसारा नहीं समझ पाए। गेंद उनके बल्ले को चूमकर विकेटकीपर जुरेल के हाथों में चली गई।
लेकिन सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस (32) ने भारत को लगभग दो घंटे तक विकेट से महरूम रखा। इन दोनों बल्लेबाजों ने मानव सुथार और अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे सारांश जैन को हावी नहीं होने दिया।
ऑफ स्पिनर जैन ने कुछ उछाल और टर्न हासिल किया लेकिन श्रीलंका के बल्लेबाजों को परेशानी में नहीं डाल सके। सूरियाबंडारा और मेंडिस ने चौथे विकेट के लिए 87 रन जोड़े।
इसमें अपना दूसरा टेस्ट खेल रहे सूरियाबंडारा का योगदान महत्वपूर्ण रहा। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज में 76 गेंद पर अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।
दूसरी ओर, मेंडिस ने मानव सुथार की गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से छक्का लगाकर अपने इरादे स्पष्ट किए। प्रसिद्ध ने लंच से ठीक पहले तेजी से उछाल लेती गेंद पर मेंडिस को मिड विकेट पर खड़े रविंद्र जडेजा के हाथों कैच कराकर यह साझेदारी तोड़ी।
भाषा आनन्द सुधीर
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