सुमित अंतिल ने विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता

Ads

सुमित अंतिल ने विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता

  •  
  • Publish Date - March 12, 2026 / 09:52 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 09:52 PM IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) पैरालंपिक खेलों में दो बार के स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बृहस्पतिवार को यहां विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में शीर्ष पोडियम स्थान हासिल किया।

दिन की मुख्य स्पर्धा निश्चित रूप से पुरुषों की भाला फेंक (एफ43, एफ44, एफ64) स्पर्धा थी जिसमें तोक्यो और पेरिस पैरालंपिक में लगातार दो स्वर्ण पदक जीतने वाले अंतिल ने 69.25 मीटर के थ्रो के साथ शीर्ष स्थान हासिल करके भारतीय टीम की अगुआई की।

पुष्पेंद्र सिंह ने 56.91 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता जबकि पूनम राम ने 49.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।

भारत 54 स्वर्ण सहित 167 पदक जीतकर शीर्ष पर बना हुआ है जबकि रूस 11 स्वर्ण से 23 पदक जीतकर दूसरे स्थान पर है।

भारत ने पुरुषों की 400 मीटर टी13 स्पर्धा में भी दबदबा बनाया जिसमें सुबोध भट्ट ने 51.88 सेकंड में स्वर्ण जीता। उनके बाद प्रियांशु कौशिक (53.19 सेकंड) और अवनिल कुमार (56.91 सेकंड) रहे।

पुरुषों की 400 मीटर टी46-टी47 स्पर्धा में भाविककुमार दीन भरवाड़ ने 49.89 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण जीता जबकि साथी भारतीय जसबीर 50.09 सेकंड के साथ रजत पदक जीतने में उनके ठीक पीछे रहे।

सर्बिया के इवान क्वेतकोविक ने 50.93 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता।

भारत ने पुरुषों की 400 मीटर टी53-टी54 स्पर्धा की व्हीलचेयर वर्ग में अपना दबदबा बनाए रखा जिसमें मनोजकुमार सबपति ने 54.33 सेकंड में स्वर्ण, अनिल कुमार ने 57.57 सेकंड में रजत और मणिकंदन जोथी ने 1:01.94 के समय के साथ कांस्य पदक जीता।

महिलाओं की स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। 400 मीटर टी11-टी12 स्पर्धा में तेजलबेन अमराजी डामोर ने 57.53 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण जीता। ललिता किलाका ने 1:07.92 के समय के साथ रजत और शालिनी चौधरी ने 1:16.79 के समय के साथ कांस्य के साथ कांस्य पदक जीता। इससे भारत ने एक और पोडियम स्वीप पूरा किया।

लक्ष्मी ने महिलाओं की चक्का फेंक एफ36-एफ37-एफ40 स्पर्धा में 7.76 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण जीता जबकि अकुताई सीताराम उलभगत ने 5.49 मीटर के साथ रजत और भूटान की चिमी डेमा ने 5.27 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।

भाषा नमिता

नमिता