Reduce Officers Strength Proposal: राज्य में घटाई जाएगी IAS, IPS और IFS अफसरों की संख्या!.. सीएम ने कहा- ‘काम करने वाले लोग चाहिए, अधिकारियों की पूरी फ़ौज नहीं’..
हिमाचल प्रदेश में IAS कैडर की संख्या घटाने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रशासनिक जरूरत और खर्च का हवाला दिया।
Reduce Officers Strength Proposal in Himachal Pradesh || Image- IBC24 NEWS Archive
- IAS कैडर 153 से घटकर 130 होगा
- सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव
- प्रशासनिक खर्च घटाने पर जोर
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में IAS कैडर की स्वीकृत संख्या 153 से घटाकर 130 करने का फैसला किया है। (Reduce Officers Strength Proposal in Himachal Pradesh) मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में जरूरत से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी हैं और कई अधिकारियों को छोटे-छोटे विभाग दिए गए हैं, जिससे उनकी क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित बदलाव को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र भेज दिया है। उनका कहना है कि लंबे समय में IAS कैडर की संख्या को करीब 110 तक लाने पर भी विचार किया जा सकता है।
IPS और IFS कैडर में भी कटौती की तैयारी
सुक्खू ने कहा कि सरकार IPS कैडर की संख्या कम करने पर भी काम कर रही है। वहीं भारतीय वन सेवा (IFS) कैडर के लिए 117 से घटाकर 83 पद करने का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। (Reduce Officers Strength Proposal in Himachal Pradesh) मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रशासनिक कैडर को युक्तिसंगत बनाने से सरकार के राजस्व व्यय में करीब 100 से 150 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।
‘अधिकारी पर्याप्त हैं’
अधिकारियों की संख्या घटाने से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की आलोचनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार चलाने के लिए पर्याप्त अधिकारी मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “अधिकारी हैं। कौन कहता है कि अधिकारी नहीं हैं?” सुक्खू ने कहा कि सरकार आलोचनाओं से प्रभावित हुए बिना प्रदेश के हित में जरूरी फैसले लेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैडर में बदलाव सरकार की व्यापक ‘व्यवस्था परिवर्तन’ नीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने के बाद प्रदेश आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उनके अनुसार यह अनुदान राज्य को 1952 से मिलता रहा था।
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सुक्खू ने कहा कि कुछ फैसले कठिन जरूर होते हैं, लेकिन राज्य के हित में जरूरी होने पर उन्हें राजनीतिक प्रभाव की चिंता किए बिना लेना पड़ता है। (Reduce Officers Strength Proposal in Himachal Pradesh) सरकार का कहना है कि कैडर में कटौती का उद्देश्य अधिकारियों को हटाना नहीं, बल्कि राज्य की वास्तविक प्रशासनिक जरूरत के अनुरूप अधिकारियों की संख्या तय करना और सरकारी खर्च को नियंत्रित करना है।
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