वनडे में दो गेंदों के इस्तेमाल को सचिन ने बताया तबाही का साधन
वनडे में दो गेंदों के इस्तेमाल को सचिन ने बताया तबाही का साधन
मुंबई। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंडुलकर ने वनडे में दो नई गेंद इस्तेमाल करने के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियम को तबाही का साधन बताया है।
सचिन ने अपने ट्वीट किया कि, ‘वनडे में दो नई गेंदों का इस्तेमाल तबाही के साधन जैसा है। गेंद को इतना समय ही नहीं मिल पाता है कि रिवर्स स्विंग मिल सके। हमने डैथ ओवरों में काफी समय से रिवर्स स्विंग नहीं देखी है’।
बता दें कि आईसीसी ने अक्टूबर 2011 में ही वनडे में दो नई गेंदों का प्रयोग शुरू किया था। इस मामले में पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार युनूस ने सचिन का समर्थन में आगे आए। ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘यही वजह है कि अब आक्रामक तेज गेंदबाज नहीं निकलते। सभी रक्षात्मक खेलते हैं। सचिन की बातों से पूर्ण रूप से सहमत हूं। रिवर्स स्विंग लुप्त ही हो गई है’।
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गौरतलब है कि आईसीसी ने अक्टूबर 2011 में नियमों में संशोधन करते हुए वनडे क्रिकेट में यह नियम लागू किया था। इस के तहत दोनों छोरों से दो अलग-अलग नई बॉल उपयोग में लाई जाती है। इससे एक पारी में दोनों गेंद से 25-25 ओवर फेंके जाते हैं। जबकि इससे पहले एक ही गेंद से 50 ओवर पूरे किए जाते थे। जिससे बॉल को रिवर्स स्विंग मिलती थी और स्पिनर्स के लिए भी बॉल सपोर्टिंग भूमिका निभाती थी। लेकिन जब से वनडे में यह दो बॉल का नियम आया है तब से वनडे क्रिकेट में रिवर्स स्विंग और स्पिन की कला लुप्त होती जा रही है।
जब आईसीसी ने यह नियम लागू किया था तब ही इसी मुद्दे को लेकर इस बीसीसीआई इस नियम के विरोध में थी। लेकिन बीसीसीआई वनडे क्रिकेट को बैट्समैन के लिए और फ्रेंडली गेम बनाना चाहता था इसलिए उसने विरोध को दरकिनार करते हुए नियम को लागू कर दिया था।
वेब डेस्क, IBC24

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