टेनिस ने पुरस्कार राशि बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों को एकजुट कर रही हैं पेगुला

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टेनिस ने पुरस्कार राशि बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों को एकजुट कर रही हैं पेगुला

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  • Publish Date - May 12, 2026 / 10:14 AM IST,
    Updated On - May 12, 2026 / 10:14 AM IST

रोम, 12 मई (एपी) पुरुष एवं महिला वर्ग में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर और एरीना सबालेंका का टेनिस टूर्नामेंट विशेषकर ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं की पुरस्कार राशि बढ़ाने के अभियान को जेसिका पेगुला का भी समर्थन मिला है जो खिलाड़ियों को इस मामले में एकजुट करने की भूमिका निभा रही हैं।

यूएस ओपन 2024 की उपविजेता पेगुला के लिए यह स्वाभाविक है, क्योंकि वह खेल प्रबंधकों के परिवार में पली-बढ़ी हैं। उनके माता-पिता एनएफएल की बफेलो बिल्स और एनएचएल की बफेलो सेब्र्स के मालिक हैं।

पेगुला ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह शायद स्वाभाविक रूप से हो जाता है क्योंकि मुझे लगता है कि मैंने इसमें कुछ हद तक नेतृत्व की भूमिका निभाई है।’’

विश्व की पांचवें नंबर की खिलाड़ी पेगुला को इस साल महिला टेनिस कैलेंडर, रैंकिंग अंकों के नियमों और कुछ स्पर्धाओं में भाग लेने की योग्यता तय करने के लिए गठित किए गए 13 सदस्यीय पैनल का नेतृत्व करने के लिए नामित किया गया था। अब वह पुरस्कार राशि के मुद्दे पर भी काम कर रही हैं।

पेगुला ने कहा, ‘‘मुझे किसी भी खिलाड़ी के पास जाकर यह पूछने में कोई झिझक नहीं है कि ‘क्या आप इसमें दिलचस्पी रखते हैं या नहीं।’ कुछ खिलाड़ियों को परवाह नहीं होती और वे इसको लेकर चिंतित नहीं होते। कभी-कभी वे कहते हैं, ‘हां, मैं पूरी तरह से तैयार हूं।’ मैं पुरुष और महिला दोनों वर्ग के खिलाड़ियों से संपर्क कर रही हूं।’’

सबालेंका ने पिछले सप्ताह कहा था कि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के राजस्व में बड़ा हिस्सा पाने के लिए बहिष्कार पर विचार करना चाहिए, जबकि सिनर ने कहा कि आयोजकों में खिलाड़ियों के प्रति सम्मान की कमी है।

पेगुला ने कहा, ‘‘आखिर में खिलाड़ियों की मांग महत्वपूर्ण होती है। एरीना और यानिक को इस मामले में खुलकर बोलते हुए देखना अच्छा लगा। मैं जानती हूं कि कई अन्य खिलाड़ी भी ऐसा ही महसूस करते हैं। लेकिन जब विश्व के दोनों नंबर एक खिलाड़ी इस पर खुलकर बोलते हैं, तो उनकी बात सुननी ही पड़ती है।’’

एनएफएल और एनएचएल में खिलाड़ियों को राजस्व का लगभग 50 प्रतिशत मिलता है वहीं अधिकतर टेनिस प्रतियोगिताओं में यह आंकड़ा इससे आगे से भी कम है। खिलाड़ियों ने पिछले सप्ताह जो बयान जारी किया था उसके अनुसार फ्रेंच ओपन में खिलाड़ियों को कथित तौर पर 14.9 प्रतिशत से भी कम हिस्सा दिया जा रहा है।

एपी

पंत

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