गाजियाबादः UP News: यूपी के गाजियाबाद में एक व्यक्ति को उसके परिवार ने एक अज्ञात शव की पहचान करने के बाद मृत मान लिया था और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था, लेकिन बृहस्पतिवार को तेरहवीं के अगले दिन वह घर लौट आया। अब पुलिस को मामले की जांच फिर से शुरू करनी पड़ी है।
UP News: पुलिस के मुताबिक, वैशाली के कल्पना अपार्टमेंट के निवासी गिरधर सिंह बिष्ट को 16 मई को कुछ स्थानीय दुकानदारों के साथ विवाद के बाद शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और जेल भेज दिया गया था। बिष्ट 21 मई को जमानत पर डासना जेल से रिहा हुआ लेकिन घर नहीं लौटा। काफी खोजबीन करने के बाद जब उसका पता नहीं चला तो उसके परिवार ने मसूरी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को एक अज्ञात शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान परिवार के सदस्यों ने बिष्ट के रूप में की। शव का पोस्टमार्टम किया गया और परिवार की शिकायत पर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। बाद में शव परिवार को सौंप दिया गया। परिवार ने उसका अंतिम संस्कार किया और 24 जून को तेहरवीं का कार्यक्रम किया।
सहायक पुलिस आयुक्त (इंदिरापुरम) अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि बिष्ट बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे अपने आवास पर लौट आया। श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘उससे पूछताछ की जा रही है कि वह इस दौरान कहां था और किन परिस्थितियों में घर लौटा। मामले की सभी कोणों से जांच की जा रही है।’’ सहायक पुलिस आयुक्त ने कहा कि अज्ञात शव का पोस्टमार्टम किया गया तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है। उन्होंने कहा,‘‘बिष्ट की वापसी के बाद, बरामद शव की असली पहचान स्थापित करने और मामले से संबंधित सभी तथ्यों को सत्यापित करने के लिए जांच फिर से शुरू कर दी गई है। नवीनतम घटनाक्रम में छह आरोपियों के खिलाफ दर्ज हत्या के मामले की जांच पर पुनर्विचार किया जा रहा है।’’