बेंगलुरु, चार मई (भाषा) भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपरों सविता, बिचू देवी खारिबाम, बंसरी सोलंकी और माधुरी किंडो ने आयरलैंड के डेविड विलियमसन द्वारा आयोजित एक विशेष गोलकीपिंग शिविर में हिस्सा लिया। यह शिविर मुख्य कोच शोर्ड मारिन की देखरेख में आयोजित किया गया था और दो मई को यहां साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) केंद्र में समाप्त हुआ।
कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन के ‘आनंदना’ के सहयोग से आयोजित यह 11 दिवसीय शिविर 22 अप्रैल को शुरू हुआ था जिसमें गोलकीपरों को केंद्रित और उच्च-प्रदर्शन वाला प्रशिक्षण दिया गया।
विलियमसन उत्तरी आयरलैंड के एक अत्यंत अनुभवी फील्ड हॉकी कोच और पूर्व खिलाड़ी हैं। वह एक जाने-माने गोलकीपिंग विशेषज्ञ हैं जिन्होंने अमेरिकी महिला राष्ट्रीय टीम के साथ बड़े पैमाने पर काम किया है।
सीनियर गोलकीपरों सविता, बिचू देवी, बंसरी और माधुरी ने इन सत्र में भाग लिया जिससे उन्हें तकनीकी बुनियादी बातों, निर्णय लेने की क्षमता, रक्षात्मक पहलुओं और मैच की स्थितियों में रणनीतिक जागरूकता पर गहनता से ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला। यह ऐसे समय में हुआ जब टीम आगामी अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में होने वाली प्रमुख प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रही है।
गोलकीपरों के लिए ऐसे केंद्रित शिविरों के लाभ के बारे में बात करते हुए सविता ने कहा, ‘‘एक गोलकीपर होने के नाते मैंने हमेशा यह अनुभव किया है कि इस तरह के शिविर आपको बहुत कुछ सीखने में मदद करते हैं। साथ ही आपके कौशल को निखारते और बेहतर बनाते हैं। हम ट्रेनिंग के दौरान मैच जैसी स्थितियां बनाते हैं और उन पर खूब चर्चा करते हैं। इसलिए ये विशेष शिविर हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं।’’
शिविर में अपने अनुभव को साझा करते हुए सविता ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि उन्होंने युवा गोलकीपरों का मार्गदर्शन करने की भूमिका को किस तरह अपनाया।
उन्होंने कहा, ‘‘एक सीनियर खिलाड़ी होने के नाते मुझे यह सुनिश्चित करना होता है कि मैं ना केवल अपने स्वयं के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करूं बल्कि युवा गोलकीपरों पर भी ध्यान दूं और उन्हें प्रेरित करूं। मैं हमेशा यह देखती रहती हूं कि वे कैसा प्रदर्शन कर रही हैं और अपने अनुभव के आधार पर मैं छोटी-छोटी बातों में उनका मार्गदर्शन कैसे कर सकती हूं।’’
भाषा सुधीर पंत
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