नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) भारत के पूर्व कप्तान और एशिया कप अंडर 18 स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के कोच सरदार सिंह ने टीम की सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, दबाव को बखूबी झेलने और टीम प्रबंधन द्वारा बनाई गई रणनीति पर सटीक अमल को दिया ।
जापान में खिताबी जीत के बाद लौटे सरदार ने कहा ,‘‘ इस टीम ने दबाव का बखूबी सामना किया है । अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में काफी दबाव रहता है जिनका सामना करना आना चाहिये और इन्होंने वह किया । हमने उनसे कहा था कि रणनीति पर 80 या 90 प्रतिशत नहीं बल्कि 110 प्रतिशत अमल करना है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ हमने टीम की ताकत पर फोकस किया जिसका फायदा मिला । हमने गुणवत्ता और पारंपरिक हॉकी का मिला जुला रूप खेला । एक ईकाई के रूप में काफी कम समय में हमने अच्छा प्रदर्शन किया ।’’
सरदार ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले आशीष तानी पूर्ति और केतन कुशवाहा की तारीफ की । उन्होंने कहा ,‘‘ सभी खिलाड़ियों ने अच्छा खेला और किसी एक को चुनना कठिन है लेकिन आशीष और केतन बेहतरीन खिलाड़ी हैं । हमें अंडर 18 खिलाड़ियों को अच्छे मैच और एक्सपोजर देते रहना चाहिये और अपना अनुभव भी उनके साथ साझा करना चाहिये ।’’
आशीष ने कहा ,‘‘ यह किसी भी स्तर पर भारत के लिये खेलते हुए मेरा पहला टूर्नामेंट था और मैं बहुत खुश हूं कि टीम के लिये योगदान दे सका । हमने ठान रखा था कि फाइनल में जापान को हर हालत में हराना है जिससे हम लीग मैच हारे थे । उसे अपने देश में खेलने का फायदा था लेकिन हम जीत के लिये कमर कस चुके थे ।’’
कप्तान केतन ने कहा ,‘‘ सरदार सर के अनुभव और प्रयासों से हमें काफी मदद मिली । टूर्नामेंट से काफी कुछ सीखा । पाकिस्तान पर मिली जीत अहम थी । हम दबाव में थे लेकिन जीत दर्ज की । अब हमारा मकसद भारत के लिये ओलंपिक और विश्व कप खेलना है ।’’
भाषा मोना पंत
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