सांता क्लारा, 30 जून (एपी) अमेरिका विश्व कप के नॉकआउट राउंड में अमूमन जगह बना लेता है लेकिन यहां से आगे बढ़ना उसके लिए टेढ़ी खीर रहा है। अब वह बुधवार को यहां बोस्निया हर्जेगोविना के खिलाफ होने वाले राउंड ऑफ 32 के मैच में यह मिथक तोड़ने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
अमेरिका ने अब तक 12 विश्व कप खेले हैं जिसमें वह आठवीं बार नॉकआउट में पहुंचा है, लेकिन इस चरण में वह केवल एक बार ही जीत दर्ज कर पाया है। यह जीत भी उसे 24 साल पहले 2002 में मिली थी।
इस बार टूर्नामेंट में 48 टीम भाग ले रही हैं और इस कारण टीमों को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने से पहले दो एलिमिनेशन राउंड से गुजरना होगा।
अमेरिका 1930 में उरुग्वे में खेले गए विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचा था जहां उसे अर्जेंटीना से हार का सामना करना पड़ा था। इटली में 1934 में खेले गए विश्व कप में सभी 16 टीम सीधे नॉकआउट में पहुंची थी। तब उसे मेजबान इटली ने हरा दिया था।
अमेरिका ने इससे पहले जब 1994 में विश्व कप की मेजबानी की थी, तब वह तीसरी बार नॉकआउट में पहुंचा था, लेकिन ब्राजील से हार गया था।
दक्षिण कोरिया और जापान में 2002 में खेले गए विश्व कप में अमेरिका ने अंतिम 16 में जगह बनाई जहां उसे जर्मनी से हार झेलनी पड़ी थी।
अमेरिका 2010 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए विश्व कप में भी अंतिम 16 में जगह बनाने में सफल रहा था लेकिन घाना ने तब उसे आगे नहीं बढ़ने दिया।
अमेरिका 2014 में ब्राजील में खेले गए विश्व कप के नॉकआउट में पहुंचा था लेकिन बेल्जियम को हराने में नाकाम रहा था। कतर में 2022 में खेले गए विश्व कप में भी वह ग्रुप चरण से आगे बढ़ने में सफल रहा लेकिन नीदरलैंड ने उसका सफर वहीं पर समाप्त कर दिया था।
अमेरिका को उम्मीद होगी कि वह अपने घरेलू दर्शकों के अपार समर्थन के बीच नॉकआउट में अपने रिकॉर्ड में सुधार करने में सफल रहेगा।
एपी
पंत सुधीर
सुधीर