दो अलग खेल के दो कोच में है गजब समानता, आरसीबी के लुई एनरिक हैं एंडी फ्लावर
दो अलग खेल के दो कोच में है गजब समानता, आरसीबी के लुई एनरिक हैं एंडी फ्लावर
(जी उन्नीकृष्णन)
अहमदाबाद, एक जून (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए विराट कोहली, रजत पाटीदार और भुवनेश्वर कुमार की जमकर तारीफ हो रही है, लेकिन इनके बीच एक और शख्स है जो शायद किसी शांत कोने में संतुष्टि की हल्की मुस्कान बिखेर रहा होगा।
इस व्यक्ति का नाम है एंडी फ्लावर, जो आरसीबी के मुख्य कोच हैं। फ्लावर ने आरसीबी को ठीक उसी तरह से बदल दिया है जैसे लुई हेनरिक ने फुटबॉल टीम पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) को विजेता टीम बना दिया है। यह भी संयोग है कि पीएसजी के मुख्य कोच हेनरिक ने आईपीएल फाइनल से एक दिन पहले अपनी टीम को चैंपियंस लीग में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने में योगदान दिया।
फ्लावर ने जब अगस्त 2023 में कमान संभाली, तब आरसीबी अपने पहले आईपीएल खिताब की तलाश में थी। यह कहना गलत नहीं होगा कि जब फ्लावर ने पदभार संभाला था तब आरसीबी आईपीएल की पीएसजी थी। उन्होंने गुपचुप अपना काम किया और अब आरसीबी 2025 और 2026 की आईपीएल की चैंपियन है।
पीएसजी की तरह आरसीबी के पास भी स्टार खिलाड़ियों की कमी नहीं थी लेकिन वह चैंपियन नहीं बन पा रही थी। उसके पास विराट कोहली के अलावा एबी डी विलियर्स, क्रिस गेल, डेल स्टेन, शेन वॉटसन, युवराज सिंह जैसे शानदार खिलाड़ी भी रहे लेकिन इसके बावजूद वह खिताब नहीं जीत पा रही थी।
जिस तरह 2023 में पीएसजी को एनरिक के रूप में अपना मसीहा मिला, उसी तरह आरसीबी को जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान फ्लावर के रूप में तारणहार मिला। संयोग देखिए कि फ्लावर ने भी 2023 में आरसीबी का जिम्मा संभाला था और उन्होंने अपने अपार अनुभव से इस टीम को विजेता बना दिया।
फ्लावर अपने साथ अपार अनुभव लेकर आए थे। उन्होंने 2005 में इंग्लैंड को एशेज, भारत में टेस्ट श्रृंखला में जीत (2012) और 2010 टी20 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
उन्होंने क्लब स्तर पर विभिन्न फ्रेंचाइजी लीग में मुल्तान सुल्तांस, गल्फ जायंट्स, ट्रेंट रॉकेट्स और मराठा अरबियन्स को खिताब जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह बार्सिलोना के साथ एनरिक की तीन खिताबी जीत और पीएसजी के यूरोपीय खिताब के 55 साल के इंतजार को समाप्त करने जैसा है।
माइक हेसन से कमान संभालने के बाद फ्लावर का ध्यान आरसीबी की गेंदबाजी को मजबूत करने पर था। लेकिन आईपीएल 2025 से पहले भुवनेश्वर कुमार को 10.75 करोड़ रुपये में खरीदने से कई लोगों की भौंहें तन गईं।
लेकिन यह एक मास्टर-स्ट्रोक साबित हुआ क्योंकि इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने दो आईपीएल में 45 विकेट लिए और आरसीबी की गेंदबाजी इकाई की शानदार तरीके से अगुवाई की।
युवा प्रतिभाओं को मौका देने के समर्थक फ्लावर ने टीम के मेंटोर (मार्गदर्शक) दिनेश कार्तिक और क्रिकेट निदेशक मो बोबाट के साथ मिलकर रसिक सलाम दार, सुयश शर्मा, अभिनंदन सिंह और मंगेश यादव जैसे कुछ युवा गेंदबाजों को टीम में शामिल किया।
कप्तान पाटीदार ने अनुभवी सितारों और उभरती प्रतिभाओं के साथ प्रभावी ढंग से काम करने की फ्लावर की क्षमता की जमकर तारीफ की।
पाटीदार ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह सर्वश्रेष्ठ कोच में से एक हैं। वह केवल अंतिम एकादश में शामिल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि जो खिलाड़ी नहीं खेल रहे हैं या टीम में नए खिलाड़ी हैं, उन सभी के साथ काफी समय बिताते हैं। उनके लिए मेरे पास शब्द कम पड़ रहे हैं, लेकिन वह मेरे अब तक के सबसे बेहतरीन कोच हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अब टीम की संस्कृति बदल गई है। खिलाड़ियों की मानसिकता में बहुत बदलाव आया है। मुझे लगता है कि इसका सारा श्रेय कोचिंग स्टाफ को जाता है।’’
भाषा
पंत नमिता
नमिता

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