थामस कप: लक्ष्य और आयुष ने एकल जीते, भारत चीनी ताइपे को हराकर सेमीफाइनल में

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थामस कप: लक्ष्य और आयुष ने एकल जीते, भारत चीनी ताइपे को हराकर सेमीफाइनल में

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 06:34 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 06:34 PM IST

होर्सेंस (डेनमार्क), एक मई (भाषा) लक्ष्य सेन की जोरदार वापसी के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी तथा युवा आयुष शेट्टी के बेहतरीन खेल के प्रदर्शन से भारत ने शुक्रवार को यहां चीनी ताइपे के खिलाफ 3-0 की अजेय बढ़त हासिल करके थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल्स के सेमीफाइनल में जगह पक्की की।

लक्ष्य ने दो मैच प्वाइंट बचाते हुए विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। लक्ष्य इस मैच में अधिकतर समय पीछे चल रहे थे लेकिन उन्होंने गजब का जुझारूपन दिखाया तथा एक घंटे और 28 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की।

इसके बाद सात्विक और चिराग की युगल जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे और 15 मिनट में 23-21 19-21 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

इसके बाद जिम्मेदारी आयुष शेट्टी पर आ गई और इस युवा खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया।

हाल ही में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने दूसरे एकल में विश्व में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुन-यी को 21-16, 21-17 से हराकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।

भारत की इस जीत पर पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा, ‘‘यह यादगार प्रदर्शन है। इससे भारतीय बैडमिंटन में बढ़ते आत्मविश्वास, तैयारी और ताकत का पता चलता है।’’

भारत 2022 का चैंपियन है। वह सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा।

इस जीत से भारत का थॉमस कप में पदक भी पक्का हो गया है। उसने 2022 में थॉमस कप जीता था। इसके अलावा भारत ने 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक जीते थे।

लक्ष्य और चोउ के बीच इस मुकाबले से पहले आपस में रिकॉर्ड 4-4 से बराबरी पर था। इस मुकाबले में लंबी रैलियों, सटीक स्ट्रोकप्ले और उतार-चढ़ाव से भरपूर रोमांचक द्वंद्व देखने को मिला।

चोउ ने पहला गेम में 10-15 से पिछड़ने के बाद जीता, लेकिन दूसरे गेम में लक्ष्य ने दबाव में शानदार वापसी की। भारतीय खिलाड़ी ने 13-17 से पीछे रहने के बाद लगातार चार अंक जीतकर स्कोर बराबर कर लिया। चोउ को दो मैच प्वाइंट मिले, लेकिन लक्ष्य ने अपना संयम बनाए रखा और दोनों को बचाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में 36 वर्षीय चोउ शारीरिक रूप से कमजोर पड़ते नजर आए और लक्ष्य ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद भी उन्होंने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और मैच जीतने में सफल रहे।

सात्विक और चिराग ने शुरुआत में संघर्ष किया तथा वे 5-5 से बराबरी पर रहने के बाद वे 8-13 से पीछे हो गए। भारतीय खिलाड़ियों ने वापसी की कोशिश की लेकिन चियू और वांग ने 18-15 से मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।

सात्विक और चिराग ने हार नहीं मानी। उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 18-19 तक पहुंचा दिया और इसके बाद पहला गेम अपने नाम कर दिया।

दूसरा गेम भी काफी कड़ा रहा। शुरुआत में दोनों जोड़ियां 8-8 के स्कोर पर बराबरी पर थीं। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद 14-11 की बढ़त बनाई लेकिन ताइवानी खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद आक्रामक खेल का सिलसिला जारी रहा, जिसमें दोनों टीमों का पलड़ा बराबर रहा लेकिन आखिर में चियू और वांग ने बढ़त बनाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में खेल का रुख पूरी तरह से बदल गया। भारतीय टीम आक्रामक और सटीक खेल दिखाते हुए तेजी से 9-3 की बढ़त बनाने में कामयाब रही।

सात्विक ने नेट और बैककोर्ट दोनों जगह शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय जोड़ी को 13-6 और फिर 15-7 की बढ़त दिलाई। सात्विक और चिराग ने जल्द ही कई मैच प्वाइंट हासिल किए और आसानी से मैच अपने नाम कर लिया।

आयुष ने संयमित और आक्रामक प्रदर्शन करते हुए लिन को हराया जो पैर में चोट के कारण पूरी तरह से फिट नहीं थे।

पहले गेम में 7-11 से पिछड़ने के बाद आयुष ने धैर्य का परिचय दिया और महत्वपूर्ण अवसर पर आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए लगातार कई विनर्स लगाकर स्कोर को 13-12 कर दिया। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद लगातार सात अंक बनाकर पहला गेम अपने नाम किया।

आयुष ने दूसरे गेम में भी उसी लय को बरकरार रखा और शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद 9-7 से बढ़त बना ली। इंटरवल तक वह 11-8 से आगे थे।

दर्शकों से मिल रहे अपार समर्थन और भारत माता की जय के नारों के बीच आयुष ने 15-11 और फिर 19-13 की बढ़त हासिल कर ली।

लिन ने अंतिम क्षणों में वापसी की कोशिश की और स्कोर का अंतर 16-19 तक कम कर दिया, लेकिन आयुष ने संयम बनाए रखा और कई मैच प्वाइंट हासिल करते हुए अपने प्रतिद्वंदी के शॉट को लंबा जाने देकर मैच जीत लिया। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।

भाषा

पंत नमिता

नमिता