नयी प्रतिभाओं को मौका देने का समय: पाकिस्तान के पूर्व हॉकी खिलाड़ियों ने कहा

नयी प्रतिभाओं को मौका देने का समय: पाकिस्तान के पूर्व हॉकी खिलाड़ियों ने कहा

नयी प्रतिभाओं को मौका देने का समय: पाकिस्तान के पूर्व हॉकी खिलाड़ियों ने कहा
Modified Date: August 25, 2026 / 07:32 pm IST
Published Date: August 25, 2026 7:32 pm IST

कराची, 25 अगस्त (भाषा) नीदरलैंड्स और बेल्जियम में चल रहे हॉकी विश्व कप में पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन से निराश उसके पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि कभी गौरवशाली रही देश की हॉकी को फिर से पटरी पर लाने के लिए टीम में नए और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका देना जरूरी है।

विश्व कप इतिहास की सबसे सफल टीम पाकिस्तान चार बार खिताब जीत चुकी है। लेकिन 1994 के बाद से वह पिछले 32 वर्षों से विश्व कप ट्रॉफी का इंतजार कर रही है। मौजूदा विश्व कप में भी उसका संघर्ष जारी रहा और वह खिताब की दौड़ से बाहर हो गई। अब 11वें स्थान के लिए उसका मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा।

पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने हाल ही में हॉकी लीग शुरू करने और स्कूलों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में इस खेल को बढ़ावा देने की योजना घोषित की है लेकिन पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि महासंघ की पहली प्राथमिकता अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए राष्ट्रीय टीम को तैयार करना होनी चाहिए।

पूर्व ओलंपियन वसीम फिरोज ने कहा , ‘‘हॉकी लीग जैसी योजनाएं लंबे समय में अच्छी हैं, लेकिन फिलहाल पाकिस्तान हॉकी को नई प्रतिभाओं की जरूरत है। यह तभी संभव होगा जब टीम एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर पाकिस्तान हॉकी मैच जीतना और अच्छे नतीजे देना शुरू नहीं करती, तो युवा धीरे-धीरे इस खेल से दूर होते जाएंगे। जमीनी स्तर पर पर्याप्त प्रतिभाएं सामने नहीं आ रही हैं और आज हर कोई क्रिकेट खेलना चाहता है।’’

एक अन्य पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अहमद आलम ने कहा , ‘‘पीएचएफ को गंभीरता से यह पता लगाना चाहिए कि पाकिस्तान यूरोपीय और एसईएनए देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के खिलाफ लगातार क्यों पिछड़ रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ जापान जैसी टीम के खिलाफ भी पाकिस्तान को संघर्ष करना पड़ा है। एफआईएच प्रो लीग में यूरोपीय और एसईएनए टीमों के खिलाफ सभी मुकाबले गंवाने से साफ है कि पाकिस्तान हॉकी दूसरे देशों से काफी पीछे हो चुकी है।’’

पाकिस्तान हाल ही में प्रो लीग में नौवें और आखिरी स्थान पर रहा था।

पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी रशीद-उल-हसन ने भी मौजूदा स्थिति पर दुख जताया। उन्होंने कहा, ‘‘ कभी विश्व हॉकी पर राज करने वाले पाकिस्तान और भारत दोनों का विश्व कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंचना बेहद तकलीफदेह है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ इसके लिए किसी और को दोष देने के बजाय पाकिस्तान को खुद जिम्मेदारी लेनी होगी। यूरोपीय देशों को एफआईएच में नियम अपने पक्ष में बदलने का मौका दिया गया और बाद में उन्होंने बदले हुए नियमों का फायदा अपनी तेज और आक्रामक शैली से उठाया।’’

भाषा आनन्द सुधीर

सुधीर


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