(देर रात चलाई गई स्टोरी नए सिरे से रिपीट)
हरारे, 27 जुलाई (भाषा) वैभव सूर्यवंशी के जज्बे से बेहद प्रभावित भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा कि इस किशोर खिलाड़ी की खेल की समझ पिछले छह महीनों में ज़बरदस्त बढ़ी है और वह दबाव वाली परिस्थितियों में खेलने के लिए निपुण होते जा रहे हैं।
सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर अपने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इस 15 वर्षीय बल्लेबाज ने तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 35 रन की जीत के साथ भारत को 3-0 से श्रृंखला जिताने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ दोनों पुरस्कार मिले।
लक्ष्मण ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘सबसे प्रभावित करने वाली बात एक व्यक्ति के तौर पर उसका विकास है। पिछले छह महीनों में उसकी परिपक्वता, खेल की समझ और जागरूकता जबरदस्त बढ़ी है। यही वजह है कि वह कठिन परिस्थितियों को अच्छी तरह संभाल पा रहा है।’’
सूर्यवंशी ने तीन पारियों में 50.33 की औसत से 151 रन बनाए। श्रृंखला के अंतिम मैच में उनकी 81 रन की शानदार पारी भारत की जीत की नींव बनी।
यह प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ उनके निराशाजनक पदार्पण दौरे के बाद आया, जहां उन्होंने 13, 14 और 15 रन की पारियां खेलीं और पांचवें व अंतिम टी20 से बाहर कर दिए गए थे। उस श्रृंखला में भारत को 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था।
मुख्य कोच गौतम गंभीर को व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच विश्राम दिए जाने के कारण इस दौरे पर भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे लक्ष्मण ने कहा, ‘‘उसने (सूर्यवंशी) अंडर-19 विश्व कप खेला और चार-पांच महीने के भीतर आईपीएल में अपना दबदबा कायम कर लिया। हम जानते हैं कि आईपीएल का स्तर कितना ऊंचा होता है। भारत ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह उसने खुद को निखारा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में आगे बढ़ा, उससे उसकी प्रतिभा और क्षमता का पता चलता है।’’
उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी में खुद को लगातार बेहतर बनाने की ललक साफ दिखाई देती है। लक्ष्मण ने कहा कि वह चोटिल होने के बावजूद मैदान पर बने रहकर टीम के लिए योगदान देना चाहता था।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह भी याद रखना चाहिए कि वह अभी सिर्फ 15 साल का है और खेल के हर पहलू में खुद को बेहतर बनाना चाहता है। आज के मैच में भी वह क्षेत्ररक्षण के दौरान पूरी तरह सक्रिय था। चोट लगने के बाद भी वह मैदान पर रहना चाहता था, लेकिन हमारे फिजियो ने उसे बाहर आने के लिए कहा। इससे पता चलता है कि टीम के लिए हर संभव योगदान देने की उसमें कितनी इच्छा है।’’
लक्ष्मण ने खुलासा किया कि अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक से चूकने के बाद सूर्यवंशी निराश थे, लेकिन उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी को तुरंत याद दिलाया गया कि उनके सामने एक लंबा करियर है और उन्हें बहुत सारे अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने उससे कहा कि उसे आगे भी शतक बनाने की कई मौके मिलेंगे। उसका करियर लंबा है और उसमें हर दिन बेहतर प्रदर्शन करने की ललक है। मुझे पूरा यकीन है कि वह प्रगति करेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई रिकॉर्ड तोड़ेगा। उसके पास ऐसा करने की पूरी क्षमता और योग्यता है।’’
लक्ष्मण ने कहा कि भारत का मजबूत क्रिकेट तंत्र और प्रतिभाओं की उपलब्धता टीम को अगले दशक में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमारे पास कहीं प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जो अगले पांच से दस वर्षों में भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाएंगे।’’
भाषा आनन्द
पंत
पंत