(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी का उचित मौका मांग रही विनेश फोगाट की याचिका पर फैसला देने से पहले भारतीय कुश्ती महासंघ की चयन नीति का अध्ययन करेगा ।
विनेश ने 14 मई को अदालत की शरण ली और डब्ल्यूएफआई से जारी विवाद के बीच राष्ट्रीय कुश्ती चयन प्रक्रिया से बाहर किये जाने को चुनौती दी ।
विनेश पिछले सप्ताह राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के लिये उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंची थी । वह इस टूर्नामेंट के जरिये वापसी करने वाली थी लेकिन महासंघ ने उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिये कहा ।
इसके बाद विनेश ने अदालत का दरवाजा खटखटाया ।
एक करीबी सूत्र ने कहा ,‘‘सुनवाई के दौरान अदालत ने विनेश को महासंघ द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिये कहा ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ अदालत ने कहा कि वह डब्ल्यूएफआई की पात्रता और ट्रायल की शर्तों को पढने के बाद ही फैसला देगी कि विनेश को आगामी चयन टूर्नामेंटों में भाग लेने दिया जाये या नहीं ।’
पेरिस ओलंपिक के बाद कुश्ती को अलविदा कह चुकी विनेश ने इस साल वापसी कर ऐलान किया जबकि महासंघ का कहना है कि वह इसकी पात्रता नहीं रखती । महासंघ ने विनेश पर डब्ल्यूएफआई संविधान और यूडब्ल्यूडब्ल्यू नियमों का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि कारण बताओ नोटिस का जवाब देने पर ही उसकी वापसी संभव होगी ।
इस विवाद ने कुश्ती समुदाय को भी दो गुटों में बांट दिया है ।
समझा जाता है कि महिला पहलवानों के एक समूह ने अदालत को दलील दी है कि विनेश को राष्ट्रीय सेटअप में सीधे नहीं उतारा जा सकता बल्कि उसे बाकी पहलवानों की तरह क्वालीफिकेशन से गुजरना होगा ।
भाषा मोना आनन्द
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