श्रीलंका क्रिकेट की अंतरिम समिति और आईसीसी के बीच सुधारों की समय-सीमा को लेकर मतभेद

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श्रीलंका क्रिकेट की अंतरिम समिति और आईसीसी के बीच सुधारों की समय-सीमा को लेकर मतभेद

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  • Publish Date - May 18, 2026 / 05:45 PM IST,
    Updated On - May 18, 2026 / 05:45 PM IST

कोलंबो, 18 मई (भाषा) श्रीलंका में क्रिकेट प्रशासन सुधारों को लेकर सरकार द्वारा गठित क्रिकेट परिवर्तन समिति (क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच समयसीमा को लेकर मतभेद सामने आए हैं।

इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट के प्रमुख शम्मी सिल्वा के नेतृत्व वाली पुरानी समिति ने पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद खेल मंत्रालय ने नौ सदस्यीय क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी (सीटीसी) का गठन किया, जिसे बोर्ड के चुनावों से पहले क्रिकेट प्रशासन में सुधार लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।

उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की मौजूदगी में आईसीसी की एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में श्रीलंका का दौरा कर सीटीसी के साथ वार्ता की, लेकिन इस बैठक के विस्तृत ब्योरे सार्वजनिक नहीं किए गए।

सूत्रों के अनुसार, सीटीसी ने सुधार प्रक्रिया का खाका प्रस्तुत किया है, लेकिन आईसीसी द्वारा सुझाई गई समयसीमा को लेकर सहमति नहीं बन सकी।

मीडिया रिपोर्टों में सीटीसी के एक सूत्र के हवाले से कहा गया, “हमें आईसीसी के नियमों और विनियमों के अनुरूप चलना होगा और हम पूरी तरह पारदर्शी हैं, हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।” आईसीसी ने श्रीलंका क्रिकेट प्रशासन के पुनर्गठन के लिए एक मसौदा संविधान भी प्रस्तावित किया है, जिसे अटॉर्नी जनरल और कानूनी मसौदाकार के कार्यालय की लंबी प्रक्रिया से गुजरकर संसद में पेश किया जाना है।

आईसीसी को मिली जानकारी के मुताबिक विधायी प्रक्रिया के दूसरे और तीसरे चरण में काफी समय लगेगा।

सीटीसी अगस्त 2023 में तैयार किए गए उस मसौदा अधिनियम पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है, जिसे उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश केटी चित्तरसिरी की अध्यक्षता वाली समिति ने तैयार किया था। इस प्रस्ताव के अनुसार श्रीलंका क्रिकेट को 18 सदस्यीय बोर्ड द्वारा संचालित किया जाना था, जिसमें आठ सदस्य नियुक्त और 10 निर्वाचित होने थे।

भाषा आनन्द आनन्द मोना

मोना