Priyanka Gandhi On Women Reservation Bill : चाणक्य आज जिंदा होते तो वो भी चौंक जाते’.. प्रियंका ने मोदी सरकार की इस प्लानिंग का किया खुलासा! पूछा- आखिर किस बात से घबरा रहे पीएम

Ads

महिला आरक्षण कानून पर बहस के बीच प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परिसीमन के जरिए लोकतंत्र और राज्यों की शक्ति को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है, जबकि कांग्रेस इस बिल का समर्थन जारी रखेगी।

  •  
  • Publish Date - April 16, 2026 / 06:38 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 06:45 PM IST

Priyanka Gandhi On Women Reservation Bill / Image Source : X

HIGHLIGHTS
  • प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को बताया लोकतंत्र पर हमला
  • परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
  • कांग्रेस ने समर्थन दोहराया, लेकिन बिल में बताई कई खामियां

नई दिल्ली : Priyanka Gandhi On Women Reservation Bill  महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर संसद में जारी बहस के बीच वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में देश के लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म करने की साजिश रच रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि जिस तरह की प्लानिंग इस बिल को लाने में की गई है, उसे देखकर आज आचार्य चाणक्य भी हैरान रह जाते।

लोकतंत्र और राज्यों की शक्ति पर हमला

प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में परिसीमन की प्रक्रिया पर गहरी चिंता व्यक्त की। Women Reservation Bill Debate उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के खोखले आश्वासनों के बावजूद संसद में राज्यों की मौजूदगी का स्वरूप बदल जाएगा। सरकार परिसीमन के जरिए मनचाही सीटें काटेगी और नई सीमाएं बनाएगी, जैसा असम में किया गया।” उन्होंने आगे कहा कि परिसीमन आयोग में सरकार द्वारा चुने गए तीन लोग देश के लोकतंत्र को खत्म करने का काम करेंगे। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ओबीसी वर्ग का हक छीन रही है ताकि कुछ विशिष्ट प्रदेशों की राजनैतिक ताकत को कम किया जा सके।

विपक्ष को धर्मसंकट में डालने की साजिश

गृह मंत्री अमित शाह की ओर इशारा करते हुए उन्होंने तंज कसा और कहा , “शाह जी हंस रहे हैं, क्योंकि पूरी प्लानिंग तैयार है। अचानक चुनाव के समय सदन की बैठक बुलाना, प्रारूप को महज एक दिन पहले सार्वजनिक करना और मीडिया में इसे मोदी जी का ‘महिला उत्थान’ कदम बताना यह सब विपक्ष को धर्मसंकट में डालने की कोशिश है।” Delimitation Controversy  उन्होंने कहा कि एक तरफ महिला आरक्षण का लालच दिया जा रहा है और दूसरी तरफ सीटों की काट-छाँट की आजादी छीनी जा रही है।

कांग्रेस बिल का कर रहे समर्थन

इसके बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि वह कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए। बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं। सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे। 2023 में मोदी सरकार ने जब यह बिल पास किया तो हमने उसका समर्थन किया। आज भी उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करेगी। हम डटकर खड़े हैं। आज की चर्चा महिला आरक्षण पर नहीं है। मैंने इसका प्रारूप पढ़ा है।

प्रियंका गांधी ने कहा- राजनीति की बू घुली हुई

प्रियंका गांधी ने कहा, सबसे पहले इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू हो, हम सहमत हैं। दूसरा है कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी। इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा। इसकी गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू घुली हुई है। 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है। उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी।

पीएम किस बात से घबरा रहे ?

प्रियंका गांधी ने आगे कहा, अब क्यों मन बदल गया, इतनी जल्दबाजी क्यों। आज पीएम महोदय ने भले हल्के में बोल दिया कि इस वर्ग उस वर्ग को बाद में देख लेंगे। कौन सा वर्ग पिछड़ा वर्ग। हम इनकी मांग कर रहे हैं इन्हें अपना हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम किस बात से घबरा रहे हैं। इस बात से न कि जब नई जनगणना होगी तो ओबीसी के नए आंकड़ें निकलेंगे तो पता चलेगा कि यह वर्ग कितना मजबूत है। 2011 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाकर मोदी जी उनका हक छीनना चाहते हैं, कांग्रेस यह होने नहीं देगी। इस बिल में और भी कमी है कि संसद में 50% विस्तार का प्रस्ताव है लेकिन इस परिवर्तन के नियम क्या होंगे उसके बारे में कोई डिटेल नहीं है।

अभी 33% आरक्षण क्यों नहीं दे रहे ?

प्रियंका गांधी ने आगेकहा, 543 में से महिलाओं को 33% आरक्षण क्यों नहीं दे रहे। अगर पद खोने का डर नहीं तो कुछ लोग इसमें अपना पद खो दें। ताकि महिलाएं और ओबीसी वर्ग आ सके। ये आज ही कर दें, शुभ काम हो जाएगा काला टीका भी काम आ जाएगा।’ इसके बाद उन्होंने कहा की ‘देश की महिलाओं के नाम पर देश के बुनियादी ढांचों से खिलवाड़ नहीं हो सकता। संसद को कमजोर करके सत्ता कायम रखने की साजिश हो रही है। यह आपकी हस्ती, पद और गरिमा के अनुकूल है।’

अंतरराष्ट्रीय दबाव का जिक्र

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता बनाए रखने की महत्वाकांक्षा अपनी जगह है, लेकिन देश के लिए सही फैसले लेना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है, जिसके कारण उन्होंने आनन-फानन में महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह विधेयक जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है और इसका असली मकसद लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करना है।

इन्हें भी पढ़ें:-

प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर क्या आरोप लगाए?

उन्होंने कहा कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के जरिए लोकतंत्र और राज्यों की शक्ति को कमजोर करना चाहती है।

कांग्रेस का इस बिल पर क्या रुख है?

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन मौजूदा प्रस्ताव में कई खामियां हैं जिन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

परिसीमन को लेकर क्या चिंता जताई गई?

प्रियंका गांधी ने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने से कुछ राज्यों और वर्गों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।