… मोना पार्थसारथी …
एम्सटेलवीन, 24 अगस्त (भाषा) भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने माना कि धीमी शुरुआत और सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जरूरी मुकाबले के दबाव को नहीं संभाल पाना टीम पर भारी पड़ा। भारत सोमवार को अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 की हार के साथ विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाने की दौड़ से बाहर हो गया। फुल्टोन ने पीटीआई से कहा, “आज का दिन मुश्किल था। हम इस तरह अंत नहीं करना चाहते थे। हमने खराब शुरुआत की, लेकिन दूसरा क्वार्टर काफी बेहतर रहा। तीसरा क्वार्टर अच्छा नहीं था। इसके बाद अंतिम क्वार्टर में हमने तीन गोल किए और पेनल्टी कॉर्नर से चौथा गोल भी कर सकते थे।” उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर यह बहुत अजीब मुकाबला रहा। हमने पूरे टूर्नामेंट में ऊंचे स्तर की हॉकी खेली, लेकिन बड़े मुकाबलों में हमें बेहतर प्रदर्शन करना होगा।” फुल्टोन ने माना कि सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जरूरी समीकरणों ने भी टीम के प्रदर्शन को प्रभावित किया। उन्होंने कहा, “इस मैच से पहले क्वालीफिकेशन को लेकर काफी समीकरण थे, जिनका हम पर असर पड़ा। आखिरी 10 मिनट में हमने बेहतर हॉकी खेली, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।” दो गोल करने वाले भारतीय फॉरवर्ड सुखजीत सिंह ने हार के लिए रक्षात्मक गलतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल में पहुंचने का यह भारत के पास आखिरी मौका था, लेकिन टीम ने रक्षण में गैरजरूरी गलतियां कीं, जिसका अर्जेंटीना ने पूरा फायदा उठाया। सुखजीत ने कहा, “हमने उन्हें आसान मौके दिए, जिन्हें टाला जा सकता था। पहले ही मिनट में गोल खाने से दबाव बन गया। हमने वापसी की कोशिश की, लेकिन शुरुआती झटका संभालना आसान नहीं था। शुरुआत में हम थोड़े सुस्त थे और हमें इस पर काम करना होगा।” सुखजीत ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में भारत के पेनल्टी कॉर्नर प्रभावी रहे, जबकि अर्जेंटीना के खिलाफ रक्षण उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर टूर्नामेंट में हमारे पेनल्टी कॉर्नर अच्छे रहे। हमारे स्ट्राइकरों ने कुछ मैदानी गोल भी किए, लेकिन रक्षण में हमने गलतियां कीं।” भाषा मोना आनन्द आनन्द सुधीरसुधीर