लंदन, पांच फरवरी (भाषा) इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने विश्व क्रिकेट में निरंतरता की मांग करते हुए बांग्लादेश के टी20 विश्व कप से बाहर करने के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर भारत इतने कम समय के नोटिस में किसी देश में खेलने से इनकार कर देता तो क्या संचालन संस्था इतनी ही सख्ती बरतती।
आईसीसी ने बांग्लादेश के सुरक्षा मुद्दों के कारण भारत में खेलने से इनकार करने के बाद टी20 विश्व कप में उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर दिया।
हुसैन ने ‘स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट पॉडकास्ट’ पर पूछा, ‘‘अगर भारत टूर्नामेंट से एक महीने पहले कहता कि हमारी सरकार हमें विश्व कप के लिए एक देश में नहीं खेलने देना चाहती तो क्या आईसीसी इतना ही सख्त रहता और कहता, ‘आप नियम जानते हैं, हम तुम्हें टूर्नामेंट से बाहर कर रहे हैं? ’’
सत्तावन वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने नियमों के समान रूप से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी टीम सिर्फ एक ही सवाल पूछती हैं और वो है निरंतरता। बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत से एक समान व्यवहार किया जाना चाहिए। भारत में प्रशंसक कह सकते हैं, ‘और रोओ, हमारे पास पैसा है’। लेकिन ताकत के साथ जिम्मेदारी भी साथ आती है। ’’
बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के बाद पाकिस्तान ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ अपना टी20 विश्व कप का बहिष्कार करने का फैसला किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि यह फैसला बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के लिए किया गया।
हुसैन ने चेतावनी दी कि अगर विश्व क्रिकेट में फैसलों पर राजनीति हावी रही तो इस खेल का नुकसान होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं हैरान हूं कि पाकिस्तान ने इतनी सारी मुश्किलों के बावजूद कितना अच्छा प्रदर्शन किया है और कर रहा है। और मुझे सच में बांग्लादेश का अपने फैसले पर अडिग रहना और अपने खिलाड़ियों के लिए खड़े होना अच्छा लगा। ’’
हुसैन ने कहा, ‘‘मुझे यह भी अच्छा लगा कि पाकिस्तान बांग्लादेश का साथ दे रहा है। किसी चरण पर किसी को कहना चाहिए कि अब बहुत हो गई राजनीति, क्या हम बस क्रिकेट खेलने पर ध्यान लगा सकते हैं। ’’
आईसीसी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि उसे अपने फैसले के गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।
भाषा नमिता मोना
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