अहमदाबाद, पांच फरवरी (भाषा) गुजरात के अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने सत्तारूढ़ भाजपा के विधायक के कड़े विरोध के बाद अपने 2026-27 के मसौदा बजट में नए बूचड़खाने के लिए 32 करोड़ रुपये आवंटित करने के फैसले को बृहस्पतिवार को वापस लेने की घोषणा की।
एएमसी द्वारा प्रस्तुत बजट के मसौदे में शहर के बाहरी इलाके में 32 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘नया अत्याधुनिक बूचड़खाना’ बनाने और इसके पूरा होने पर गीता मंदिर क्षेत्र में स्थित मौजूदा नगर निगम द्वारा संचालित बूचड़खाने को इस नई सुविधा में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव था।
निकाय के बजट के मसौदे के अनुसार, शाहवाड़ी-बेहरामपुरा में लगभग 15,882 वर्ग मीटर भूमि नए बूचड़खाने के लिए निर्धारित की गई थी। यह सुविधा उच्चतम न्यायालय के साथ-साथ राज्य और केंद्र सरकार द्वारा ऐसी सुविधाओं के लिए जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप होनी थी।
हालांकि नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि द्वारा बजट पेश किए जाने के तुरंत बाद, एलिसब्रिज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के विधायक अमित शाह ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह उनकी पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है।
पूर्व महापौर शाह ने बुधवार को नगर आयुक्त को लिखित रूप से मांग की कि स्थायी समिति द्वारा बजट को अंतिम रूप दिए जाने से पहले इस आवंटन को वापस लिया जाए।
शाह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं नए बूचड़खाने के निर्माण के प्रस्ताव के खिलाफ हूं क्योंकि यह भाजपा की विचारधारा के बिल्कुल विपरीत है। जब मैं महापौर था, तब प्रशासन की ओर से ऐसा ही एक प्रस्ताव आया था जिसमें कहा गया था कि केंद्र ने इसके लिए धनराशि आवंटित कर दी है। दबाव के बावजूद मैंने इसे स्वीकार नहीं किया था। इस बार भी, मुझे पूरा विश्वास है कि पार्टी नेतृत्व इसे मंजूरी नहीं देगा।’’
नगर आयुक्त पाणि ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि बूचड़खाना के प्रस्ताव को इसकी ‘संवेदनशीलता’ के कारण वापस ले लिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रस्ताव बूचड़खाने को वर्तमान स्थान से बहरामपुरा में स्थानांतरित करने के बारे में था, न कि नया बूचड़खाना स्थापित करने के लिए। हमने स्थायी समिति को प्रस्ताव वापस लेने के अपने निर्णय से अवगत करा दिया है। स्थायी समिति भी इससे सहमत है।’’
भाषा धीरज नरेश
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