चेक गणराज्य की दो खिलाड़ियों के बीच खेला जाएगा विंबलडन महिला एकल का फाइनल
चेक गणराज्य की दो खिलाड़ियों के बीच खेला जाएगा विंबलडन महिला एकल का फाइनल
लंदन, 10 जुलाई (एपी) लिंडा नोस्कोवा ने बचपन में टेनिस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था, जब तक कि उन्होंने 2011 में चेक गणराज्य की अपनी हमवतन पेट्रा क्वितोवा को विंबलडन फाइनल जीतते हुए नहीं देखा।
ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर पहली बार खेलने वाली 21 वर्षीय नोस्कोवा ने कहा, ‘‘शायद यही वह पहला क्षण था जब मुझे अहसास हुआ कि टेनिस जैसा कोई खेल भी होता है।’’
लेकिन अब वह विंबलडन के महिला एकल फाइनल में हैं जहां उनका सामना चेक गणराज्य की एक अन्य खिलाड़ी कैरोलिना मुचोवा से होगा।
नोस्कोवा ने सेमीफाइनल में मार्टा कोस्त्युक को सीधे सेटों में 6-4, 6-4 से हराया जबकि मुचोवा ने कोको गॉफ को 6-2 1-6 7-6(10) से पराजित किया।
इसका मतलब यह है कि 2023 में मार्केटा वोंद्रोसोवा और 2024 में बारबोरा क्रेज्सिकोवा के बाद चार साल में ऑल इंग्लैंड क्लब में तीसरी चेक महिला चैंपियन होगी।
नोस्कोवा ने कहा, ‘‘यह अब एक परंपरा बन चुकी है।’’
वास्तव में इस देश की परंपरा इससे भी कहीं अधिक पुरानी है। जब क्रेज्सिकोवा ने अपना खिताब जीता तो उन्होंने कहा था तो कि उन्हें 1998 की विंबलडन विजेता याना नोवोत्ना ने पेशेवर टेनिस में आने के लिए प्रेरित किया।
और नोवोत्ना अपने बाद की सभी चेक खिलाड़ियों की तरह विंबलडन की सर्वकालिक महान चैंपियन मार्टिना नवरातिलोवा से प्रेरित थीं, जिन्होंने ऑल इंग्लैंड क्लब में रिकॉर्ड नौ एकल खिताब जीते थे।
एपी
पंत
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