विश्व शतरंज चैंपियनशिप में गुकेश के कौशल की नहीं मानसिक शक्ति की परीक्षा होगी: विदित

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विश्व शतरंज चैंपियनशिप में गुकेश के कौशल की नहीं मानसिक शक्ति की परीक्षा होगी: विदित

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 02:49 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 02:49 PM IST

(हिमांक नेगी)

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) ग्रैंडमास्टर विदित गुजराती का मानना ​​है कि मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश और उज़्बेकिस्तान के चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव के बीच होने वाले विश्व शतरंज चैंपियनशिप के मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी के कौशल से अधिक मानसिक शक्ति की परीक्षा होगी।

विश्व चैम्पियनशिप जीतने के बाद से गुकेश का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जबकि सिंदारोव बेहतरीन फॉर्म में इस अहम मुकाबले में उतर रहे हैं। हालांकि विदित ने कहा कि अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं करने का मतलब यह नहीं है कि खिलाड़ी की क्षमता में कमी आ गई है।

विदित ने पीटीआई से कहा, ‘‘शतरंज में अगर आप मैग्नस कार्लसन नहीं हैं, तो किसी भी खिलाड़ी के प्रदर्शन में उतार चढ़ाव आता है। उदाहरण के लिए गुकेश के लिए 2024 का वर्ष असाधारण रहा था। तब उन्होंने जो भी टूर्नामेंट खेला उसमें जीत हासिल की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शन को कई चीजें प्रभावित करती हैं जैसे मानसिकता, शारीरिक स्थिति और दबाव। खेल इस बारे में है कि क्या आप उस दिन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।’’

विदित के अनुसार, गुकेश कड़ी मेहनत करना जारी रखे हुए हैं और अपने खेल में सुधार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आम तौर पर वह बहुत अच्छा प्रदर्शन करता था, लेकिन अब उसे जीत नहीं मिल पा रही है। उस पर समय का बहुत दबाव रहता है। वह बहुत मेहनत कर रहा है। मैचों से यह साफ पता चलता है। लेकिन कुछ कमी सी लग रही है।’’

विदित ने कहा, ‘‘इसका मतलब यह नहीं है कि विश्व चैंपियनशिप में वह 2024 वाले प्रदर्शन को नहीं दोहरा सकते। इसके लिए उन्हें अंदर से मजबूत बनना होगा। विश्व चैंपियनशिप में उनके शतरंज के कौशल की नहीं बल्कि मानसिक शक्ति की परीक्षा होगी।’’

विदित को उम्मीद है कि अगर गुकेश मानसिक रूप से खुद को फिर से तैयार करने में सफल हो जाते हैं तो यह एक कड़ा मुकाबला होगा, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में सिंदारोव का पलड़ा भारी है।

उन्होंने कहा,‘‘दोनों ही बहुत मजबूत खिलाड़ी हैं। इस समय सिंदारोव बेहतर फॉर्म में हैं। इसमें कोई शक नहीं है।’’

भाषा

पंत सुधीर

सुधीर