विश्व कप सेमीफाइनल: एमबाप्पे बनाम यामल और मेस्सी बनाम केन
विश्व कप सेमीफाइनल: एमबाप्पे बनाम यामल और मेस्सी बनाम केन
अटलांटा, 13 जुलाई (एपी) फ्रांस जब विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में स्पेन का सामना करेगा तो दिग्गज खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे और युवा स्ट्राइकर लामिन यामल के बीच रोचक जंग देखने को मिल सकती है।
इसी तरह से अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल में दो अनुभवी खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी और हैरी केन आमने-सामने होंगे।
इस बार के सेमीफाइनल मैच कुछ मामलों में अनूठे हैं। चार पूर्व चैंपियन और दुनिया की चार शीर्ष रैंकिंग वाली टीमें अंतिम चार में पहुंची है। सर्वाधिक गोल करने वाले छह खिलाड़ियों में से पांच मैदान पर दिखाई देंगे। एक सर्वकालिक महान खिलाड़ी (मेस्सी) आकर्षण का केंद्र होगा। इसके अलावा फुटबॉल की सबसे कड़वी प्रतिद्वंद्विताओं में से एक भी सेमीफाइनल में देखने को मिलेगी।
अर्जेंटीना, स्पेन, फ्रांस और इंग्लैंड फीफा रैंकिंग में शीर्ष चार टीमों के रूप में टूर्नामेंट में उतरे थे और अब विश्व चैंपियन बनने से सिर्फ दो जीत दूर हैं। सेमीफाइनल के दोनों मुकाबलों में से किसी के भी परिणाम का अनुमान लगाना बेहद मुश्किल है। फ्रांस मंगलवार को टेक्सास के अर्लिंगटन में स्पेन से भिड़ेगा और इंग्लैंड बुधवार को अटलांटा में अर्जेंटीना का सामना करेगा।
ऐसा 1990 के बाद से पहली बार हुआ है कि विश्व कप के अंतिम चार में सभी टीमें पूर्व चैंपियन हों। अगर फ्रांस और अर्जेंटीना दोनों ही फाइनल में पहुंचते हैं, तो इस साल 2022 के फाइनल की पुनरावृत्ति भी हो सकती है।
फ्रांस बनाम स्पेन:
फ्रांस और स्पेन किसी बड़ी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में फिर से आमने-सामने होंगे। यह दोनों टीम दो साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में एक दूसरे से भिड़ी थीं।
स्पेन ने उस मैच में 2-1 से जीत हासिल की थी। उस मैच में यामल ने गोल किया था जो तब 16 वर्ष के थे। स्पेन ने फाइनल में इंग्लैंड को हराकर यूरो कप का खिताब अपने नाम किया।
नाक में चोट लगने के बाद एमबाप्पे उस टूर्नामेंट में खास कमाल नहीं दिखा पाए थे जबकि माइकल ओलिस और डेसिरे डोए जैसे उभरते सितारों को अभी सफलता हासिल करनी बाकी थी।
दो साल बाद फ्रांस को मौजूदा विश्व कप की सबसे प्रभावशाली टीम माना जा रहा है जिसकी अग्रिम पंक्ति में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। सबकी निगाह हालांकि एमबाप्पे पर टिकी रहेगी जिन्होंने अभी तक टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से सर्वाधिक गोल किए हैं।
स्पेन को टूर्नामेंट में आने से पहले यामल और साथी विंगर निको विलियम्स की चोटों से जूझना पड़ा। स्पेन को पिछले दो दौर में पुर्तगाल और बेल्जियम को हराने के लिए स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो के अंतिम क्षणों में किए गए गोल पर निर्भर रहना पड़ा।
विश्व कप या यूरो कप में ये दोनों देश कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। यूरो कप 1984 के फाइनल में फ्रांस ने स्पेन को हराया था।
इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना:
अर्जेंटीना और इंग्लैंड की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है। इस प्रतिद्वंद्विता में फुटबॉल के मैदान से इतर 1982 में फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर हुए संघर्ष से जुड़ा तनाव भी शामिल हैं।
विश्व कप में इन दोनों टीमों के बीच कई बार तनाव के क्षण आए हैं। विश्व कप 1966 में इंग्लैंड के खिलाफ तनावपूर्ण क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना के कप्तान एंटोनियो रैटिन को मैदान से बाहर भेज दिया गया था। रैटिन का हाल में ही निधन हुआ है। इंग्लैंड ने वह मैच 1-0 से जीता था। इंग्लैंड के तत्कालीन कोच अल्फ रैमसे ने तब अपने खिलाड़ियों को विपक्षी टीम के खिलाड़ियों के साथ जर्सी बदलने से रोकने की कोशिश की थी।
अब इससे 20 साल बाद की बात करते हैं। विश्व कप 1986 में डिएगो माराडोना के कुख्यात ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल ने अर्जेंटीना को क्वार्टरफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से जीत दिलाने में मदद की, जिसके चलते अर्जेंटीना ने ट्रॉफी जीती।
विश्व कप 1998 में डेविड बेकहम को अर्जेंटीना के मिडफील्डर डिएगो सिमोन को लात मारने के लिए मैदान से बाहर भेज दिया गया था। सिमोन की इस प्रतिक्रिया की इंग्लैंड के मीडिया ने आलोचना की थी, क्योंकि ऐसा लग रहा था कि यह मामूली सी टक्कर थी। अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में राउंड ऑफ 16 का यह मैच जीता था।
इसके चार साल बाद ग्रुप चरण में यह दोनों टीम आमने-सामने थी। बेकहम ने पेनल्टी पर गोल करके बदला चुकता किया और इंग्लैंड को 1-0 से जीत दिलाई, जिसके चलते अर्जेंटीना बाहर हो गया।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मेस्सी और केन में से कौन अपनी टीम की जीत का नायक बनकर सामने आता है।
मेस्सी पर सबकी नजर रहेगी जो संभवत: अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे हैं। यह विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ उनका पहला मैच होगा। अगर मेस्सी अर्जेंटीना को खिताब दिला देते हैं, तो वह अपने देश के लिए दो विश्व कप जीतकर महान माराडोना को पीछे छोड़ देंगे।
इससे अर्जेंटीना 1958 और 1962 में ब्राजील के बाद लगातार दो बार चैंपियन बनने वाला पहला देश भी बन जाएगा। फुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले ब्राजील की उन टीमों का हिस्सा थे और उन्होंने 1970 में तीसरा विश्व कप भी जीता था।
इसके अलावा मेस्सी, एमबाप्पे (आठ-आठ गोल), जूड बेलिंगहम, केन (छह-छह गोल) और औस्मान डेम्बेले (पांच गोल) टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने के लिए मिलने वाले ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में भी बने हुए हैं।
एपी
पंत
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