गरियाबंद: दूषित पानी पीने से 2 सालों में 30 लोगों की मौत

गरियाबंद: दूषित पानी पीने से 2 सालों में 30 लोगों की मौत

गरियाबंद: दूषित पानी पीने से 2 सालों में 30 लोगों की मौत
Modified Date: November 29, 2022 / 09:00 pm IST
Published Date: May 22, 2017 5:24 am IST

गरियाबंद में IBC24 की खबर का असर हुआ है यहां के सूपाबेड़ा गांव में एसडीएम और डॉक्टरों की टीम पहुंची है. जो पानी की जांच कर रही है. बात दें कि इस गांव में पिछले 2 सालों में 30 से ज्यादा मौतें हो चुकी है. जिनमें से ज्यादातर लोगों को किडनी की बीमारियां थी. ग्रामीणों की मानें तो गांव के हैंडपंप से निकलने वाला दूषित पानी गांव के लिए काल बना हुआ है. लोगों को पानी पीने से रोकने के लिए 1 हैंडपंप छोड़कर हर हैंडपंप में लाल झंडे लगा दिए हैं. ताकि कोई गलती से भी इसका पानी न पीए. 

मौतों के बाद प्रशासन न इस गांव की सुध ली थी. पीएचई के अधिकारियों को मौके पर मेडिकल टीम के साथ भेजा. मेडिकल टीम ने शुरुआती जांच में पाया कि जो पानी हैंडपंपों से निकल रहा है वो जानलेवा है. लिहाजा एक हैंडपंप को छोड़कर बाकियों पर मेडिकल स्टाफ ने लाल झंडे लगा दिए. वहीं ग्रामीणों की मानें तो यदि प्रशासन ने वक्त रहते ही ध्यान दिया होता लोग असमय नहीं मरते. अब ग्रामीण पास ही बहने वाली तेल नदी से पाइप लाइन के जरिए गांव में पानी की मांग कर रहे हैं. लोगों ने इसके लिए सीएम रमन सिंह को खत भी लिखा है.

 


लेखक के बारे में