दिव्यांगता को शिक्षा की राह में नहीं बनने दिया रोड़ा, पैरों से लिखकर आज कॉलेज की पढ़ाई कर रही ये बेटी

दिव्यांगता को शिक्षा की राह में नहीं बनने दिया रोड़ा, पैरों से लिखकर आज कॉलेज की पढ़ाई कर रही ये बेटी

दिव्यांगता को शिक्षा की राह में नहीं बनने दिया रोड़ा, पैरों से लिखकर आज कॉलेज की पढ़ाई कर रही ये बेटी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:18 pm IST
Published Date: April 14, 2019 4:23 am IST

छतरपुर। मध्यप्रदेश की एक बेटी ने शिक्षा का ज्योत जलाने में मिसाल पेश की है। दिव्यांगता को उसने अपनी शिक्षा की राह में रोड़ा नहीं बनने दिया। गरीब परिवार में जन्मी ममता पटेल दिव्यांग होने के चलते अपनी हाथों से नहीं लिख सकती।

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लेकिन पढ़ाई के प्रति उसकी ललक ने इस दिव्यांगता को भी पीछे छोड़ दिया। बेटी के प्रतिभा को पहचान पिता ने बचपन से ही बेटी के मन शिक्षा का ज्योत जला दिया था।

<blockquote class=”twitter-tweet” data-lang=”en”><p lang=”en” dir=”ltr”>MP: Mamata Patel, a 19-year old differently-abled student wrote her university exam with her feet in Chhatarpur. She says, &quot;My father taught me to write with my feet. In school, children use to bully me for writing this way, but now that I&#39;ve reached college, I feel great.&quot;(13.4) <a href=”https://t.co/sf6MGTJlJI”>pic.twitter.com/sf6MGTJlJI</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href=”https://twitter.com/ANI/status/1117212906968346624?ref_src=twsrc%5Etfw”>April 13, 2019</a></blockquote>
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हाथ नहीं तो पैर ही सही। पिता ने बेटी को पैर से लिखना सिखाया। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती इस वाकये को भी उसने सच कर दिखाया। स्कूली शिक्षा के दौरान साथी बच्चों ने ममता का खूब मजाक उड़ाया।

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लेकिन इस मजाक को उसने अपना कवच बनाया और अपनी शिक्षा जारी रखी। प्राइमरी स्कूल, मीडिल स्कूल के बाद ममता अब कॉलेज की पढ़ाई कर रही है। उसकी इस उपलब्धि पर परिवार तो गर्व कर रहा है। वो छात्र जो स्कूली शिक्षा में उसका मजाक उड़ाया करते थे आज ममता की प्रशंसा करते नहीं थकते।


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