किसानों के समर्थन में ‘अन्ना हजारे’, केंद्रीय मंत्री तोमर को पत्र लिखकर दी अनशन पर बैठने की चेतावनी

Ads

किसानों के समर्थन में 'अन्ना हजारे', केंद्रीय मंत्री तोमर को पत्र लिखकर दी अनशन पर बैठने की चेतावनी

  •  
  • Publish Date - December 14, 2020 / 02:22 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:51 PM IST

पुणे: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सोमवार को केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को एम एस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने समेत विभिन्न मांगों को पूरा करने में ”नाकाम” रही केन्द्र सरकार के खिलाफ ”अनशन” शुरू करने की चेतावनी दी। हजारे की अन्य मांगों में कृषि लागत एवं दाम आयोग (सीएसीपी) को स्वायत्तता प्रदान करना शामिल है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले हजारे फरवरी 2019 में महाराष्ट्र के अहमदनगर में अपने गांव रालेगण सिद्धि में उपवास पर बैठ गए थे।

Read More: ‘विधायक तुँहर दुआर’ अभियान के तहत विधायक विकास उपाध्याय ने किया वार्डों में जनसम्पर्क, लोगों की समस्याएं सुनकर किया निदान

तत्कालीन केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने हजारे को लिखित आश्वासन दिया था कि केन्द्र सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों तथा अन्य कृषि संबंधी मांगों पर चर्चा के लिये उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी, जिसके बाद उन्होंने अपना उपवास खत्म कर दिया था। तोमर को लिखे गए हजारे के पत्र को पत्रकारों से साथ साझा किया गया है। इसमें राधामोहन सिंह के उस पत्र को भी संलग्न किया गया है, जिसमें आश्वासन दिया गया था उच्च स्तरीय समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर 30 दिसंबर 2019 तक सौंप देगी।

Read More: कल से स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय में नहीं होगी ऑनलाइन क्लासेस, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने लिया फैसला

हजारे ने तोमर को लिखे पत्र में कहा, ”केन्द्र ने आश्वासन दिया था कि मांगों को लेकर समिति की रिपोर्ट के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे। क्योंकि तय तिथि तक कुछ नहीं हुआ है, इसलिये मैं पांच फरवरी 2019 को खत्म किया गया अनशन फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा हूं।” 80 वर्षीय हजारे ने कहा कि जल्द ही केन्द्र सरकार को अनशन की तिथि और स्थान के बारे में बता दिया जाएगा।

Read More: बेमौसम बारिश ने खींची किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, खुले में रखा धान भीगा, तापमान में आयी गिरावट

हजारे ने केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आठ दिसंबर को किसान संगठनों के भारत बंद के दौरान उपवास रखा था। उन्होंने सरकार को सीएसीपी को स्वायत्तता प्रदान करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में नाकाम रहने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी।

Read More: मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय में कई छात्र कोरोना पॉजिटिव, क्लास लगाने से नए बैच के 26 में से 11 छात्र हुए कोरोना संक्रमित