जबलपुर। शहर की युवा तीरंदाज़ मुस्कान किरार ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन करते हुए पूरे देश को गर्व से मुस्कुराने का मौका दिया है। मुस्कान किरार ने अपने शानदार परफॉर्मेंस के दम पर जर्मनी के बर्लिन में चल रहे आर्चरी वर्ल्ड कप में देश के लिए सिल्वर मैडल जीत लिया है। हालांकि मुस्कान वर्ल्ड चैंपियन बनकर गोल्ड मैडल जीतने के बेहद करीब थीं लेकिन आज हुए फाइनल मुकाबले में फ्रांस की तीरंदाज़ से वो सिर्फ एक अंक से मैच हार गईं।
फाइनल मुकाबले में फ्रांस को 229 जबकि भारत को 228 अंक मिले जिससे सिर्फ 1 अंक से मुस्कान का गोल्ड मैडल चूक गया। वर्ल्डकप फाइनल में पहुंचने से पहले मुस्कान ने अपनी अचूक तीरंदाजी के दम पर प्री क्वाटर फाइनल में ब्रिटेन, क्वाटर फाइनल में यूएसए और सेमी फाइनल में टर्की को हराया था।
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ख़ास बात ये है कि सिर्फ 18 साल की मुस्कान बेहद गरीब परिवार से निकलकर अपनी मेहनत और लगन के बूते आज इस मुकाम पर पहुंची हैं। मुस्कान के पिता वीरेंद्र किरार जबलपुर के गुरन्दी बाजार में छोटी सी दुकान चलाते हैं। मुस्कान बीते 3 सालों से जबलपुर की स्टेट आर्चरी एकेडमी में रहकर तीरंदाजी की ट्रेनिंग ले रही थीं।
इससे पहले मुस्कान एशियन आर्चरी चैम्पियनशिप में देश के लिए सिल्वर मैडल जीत चुकी हैं। अब जर्मनी के बर्लिन में हुए आर्चरी वर्ल्डकप में मुस्कान ने सिल्वर मैडल जीत कर पूरे देश का नाम रौशन कर दिया है। मुस्कान को मिली इस कामयाबी पर खुशी जताते हुए उसके कोच रिछपाल सिंह सलारिया ने बताया कि कैसे अपनी लगन और मेहनत के दम पर मुस्कान ये मुकाम हासिल कर पाईं।
वेब डेस्क, IBC24