नई दिल्ली। लोकसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन सदन में सामान्य वर्ग के आर्थिक रुप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने वाला बिल पारिता हो गया। इस बिल पर नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस बिल को मोदी सरकार का चुनावी स्टंट करार दिया है। सिंहदेव के मुताबिक आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सवर्णों को साधने की कोशिश की जा रही है।
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वहीं मंत्री रविंद चौबे ने इस प्रधानमंत्री की घोषणा को धोखा बताया है। मंत्री रूद्र गुरू के मुताबिक सरकार का यह फैसला तब सहीं होगा जब इससे किसी दूसरे वर्ग को नुकसान न हो। गौरतलब है कि लगभग पांच घंटे की चर्चा के बाद मंगलवार रात को विधेयक पर मतदान हुआ। समर्थन में 323 मत पड़े जबकि विरोध में केवल 3 मत डाले गए।
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गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में 10% आरक्षण के मुद्दे पर लोकसभा में करीब पांच घंटे तक जोरदार बहस हुई। सदन में 323 सांसदों ने बिल के समर्थन में मतदान किया जबकि 3 वोट विपक्ष में डाले गए। मोदी सरकार ने मंगलवार को (08 जनवरी, 2019) आर्थिक रूप से पिछड़े ऊंची जातियों के लोगों को 10% अतिरिक्त आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया गया था।
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विधेयक पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने लिखा, “संविधान (124वां संशोधन) विधेयक, 2019 लोकसभा में पास होना हमारे देश के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है। यह समाज के सभी तबकों को न्याय दिलाने के लिए एक प्रभावी उपाय को प्राप्त करने में मदद करेगा।”