टिकट वितरण से पनपा असंतोष और गुटबाजी के बीच भाजपा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की जनसभाओं से काफी उम्मीदें हैं।…भाजपा ने टिकट वितरण के बाद सभी नगरीय निकायों में एक सर्वे कराया था… सर्वे के मुताबिक स्थानीय स्तर पर गुटबाजी, टिकट वितरण पर असंतोष और बागी प्रत्याशियों की सक्रियता ने पार्टी को बैकफुट पर खड़ा कर दिया है…सर्वे में सामने आया है कि चुनाव लड़ रहे ऐसे प्रत्याशी, जो कुछ मंत्रियों के कट्टर समर्थक हैं उनकी स्थिति भी क्षेत्र में मजबूत नहीं है। सर्वे में नरोत्तम मिश्रा के समर्थक डबरा की प्रत्याशी आरती मौर्य, मंत्री ओपी धुर्वे के समर्थक शाहपुर के प्रत्याशी कमल अग्रवाल और गौरीशंकर बिसेन के समर्थक बैहर प्रत्याशी सुरेंद्र मरकाम की हालत खराब बताई जा रही है…. दूसरी तरफ, निकाय चुनावों में बार-बार निर्देश देने के बावजूद सरकार के कुछ मंत्री सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं…. बीजेपी खरगौन जिले के भीकनगांव और खंडवा के छनैरा में स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह की निष्क्रियता से चिंतित हैं।
वहीं शहडोल जिले की तीन सीटों पर उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ला को और सक्रिय करने पर विचार कर रही है… हालांकि सीएम के दौरे के बाद बीजेपी को इन सीटों पर जीत की पूरी उम्मीद है। लेकिन पार्टी की चिंता सिर्फ इतनी ही नहीं है कि गुटबाजी हावी है… उसकी चिंता इस बात को लेकर भी है कि कार्यकर्ताओं में जान कैसे फूंकी जाए… इसीलिए तो नगरीय निकाय चुनाव का भार इस बार सीधे सीएम शिवराज के कंध पर जाल दिया गया है…अब सीएम घूम घूम कर खुद प्रत्याशियों के लिए वोट जुटाने में लगे हैं।