एवियॉन (फ्रांस), 17 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को जी7 शिखर सम्मेलन में कई “सार्थक” बैठकों और चर्चाओं के बाद पेरिस के लिए प्रस्थान किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान उन्हें शासन और नीतिगत निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
मोदी फ्रांस के एवियॉन शहर में जी7 शिखर सम्मेलन के लिए थे, जहां भारत को अतिथि देश के तौर पर आमंत्रित किया गया था।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एवियॉन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान कई उपयोगी बैठकें और विचार-विमर्श हुए। मुझे शासन और नीतिगत निर्माण के प्रमुख क्षेत्रों में भारत के विचारों और प्रयासों को प्रस्तुत करने का अवसर मिला।”
उन्होंने कहा कि वैश्विक समृद्धि के लिए ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर भी बात रखने का मौका मिला।
मोदी ने कहा, “अब मैं अपनी फ्रांस यात्रा के अंतिम चरण के लिए पेरिस जा रहा हूं। पेरिस में मेरा विवाटेक 2026 को संबोधित करने और भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से बातचीत करने का कार्यक्रम शामिल है।”
बुधवार को जी7 के संपर्क सत्र में मोदी ने जी7 देशों, भारत और ग्लोबल साउथ की ताकतों को जोड़कर संपर्क और व्यापार बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा का प्रस्ताव रखा। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के विकासशील देशों पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई।
पेरिस में मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ विवाटेक 2026 में हिस्सा लेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, विवाटेक यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन है। इस बार इसमें भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय मंडप (पैवेलियन) होगा, जो भारतीय और यूरोपीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच साझेदारी की विशाल संभावनाओं का प्रतीक माना जा रहा है।
भाषा सुरभि प्रशांत
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