Uniform Civil Code In MP/Image Credit: IBC24.in
Uniform Civil Code In MP: भोपाल: देश के बाकी राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर ऐलान, झिझक और विरोध की बयानबाज़ियां ज़ारी हैं। 23 मई को जब UCC की रायशुमारी का पहला दिन था। तब इंदौर में मुस्लिम समाज की ओर से विरोध भी हुआ था, लेकिन मोहन सरकार UCC के विरोध की कोई परवाह नहीं कर रही है। एमपी के आगामी विधानसभा सत्र में ही UCC के पारित होकर लागू होने की उम्मीद है। ख़ुद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि बाबा महाकाल चाहेंगे तो अगले सत्र में UCC पारित होकर लागू हो जाएगा..साथ ही सीएम मोहन ने ये साफ किया है कि जनजातीय समाज को UCC पर विशेष छूट दी गई है।
इधर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद UCC विरोध के ज़रिए गैर हिन्दू समाज का नेता बनने की जुगत में हैं, (Uniform Civil Code In MP) वे बकायदे UCC के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं। अपील कर रहे हैं कि- सिर्फ मुस्लिम, बौद्ध ही नहीं बल्कि बाकी के अल्पसंख्यक भी ऑनलाइन रायशुमारी में UCC के विरोध में वोट करें..मसूद कह रहे हैं कि प्रस्तावित यूसीसी के ड्राफ्ट में लिव-इन को लेकर जो नियम या वैधता की बातें सामने आ रही हैं, वो ग़लत हैं, ये भारतीय पारिवारिक मूल्यों की हत्या करने जैसा है।
लेकिन सवाल ये कि आरिफ मसूद UCC के खिलाफ विपक्षी नेता होने के नाते मांग उठा रहे हैं, (Uniform Civil Code In MP) याकि मुस्लिमों के फेवर में समर्थन जुटाने की ये सियासी रणनीति है? सवाल ये कि – कांग्रेस को ये क्यूँ लग रहा है कि ये कानून सिर्फ एक ख़ास कौम को निशाने पर रखकर लाया जा रहा है? सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या सरकार भोजशाला जैसे बड़े मसलों की तरह UCC को स्मूदली लागू करवा पाएगी?
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