बैलों से पैदा करेंगे बिजली..

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बैलों से पैदा करेंगे बिजली..

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  • Publish Date - May 18, 2017 / 07:36 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:34 PM IST

ग्वालियर की सड़कों पर घुमने वाले आवारा सांड और बैलों को नगर निगम ने काम पर लगाने की ठान ली है. दरअसल नगर निगम ने ऐसी योजना बनाई है. जिसमें सांड ना केवल नगर निगम के लिए कमाई का साधन बनेंगे. बल्कि नगर निगम को रौशन भी करेंगे.

ये है ग्वालियर नगर निगम की गौशाला. जहां शहर में घुमने वाले आवारा सांड और बैलों को पकड़कर रखा गया है. नगर निगम अब इन्हीं सांडों की मदद से बिजली उत्पादन की योजना बना रहा है. निगम ने कोल्हू में देशी जुगाड़ से विद्युत पैदा करने वाले अल्टरनेटर से बिजली पैदा करने का प्लान तैयार किया है. 

सांडों से बिजली पैदा करने का संयंत्र कुछ इस तरह का होता है. प्रोजेक्ट में चार गियर, एक जोड़ी पुल्ली और बेयरिंग होती है. बैलों के घुमने पर गियर घूमते हैं. जिससे अल्टरनेटर घूमने लगता है. अल्टरनेटर से डीसी वोल्ट पैदा होता है. जो बैटरी चार्ज करता है. बैटरी चार्ज होने के बाद इनवर्टर से एसी करंट पैदा किया जाता है. एक घंटे में तैयार हुई बिजली से एक हाफ एचपी पंप को 5 घंटे 40 मिनट तक चलाया जा सकता है. 

संयंत्र को बनाने में करीब 23 हजार रुपए की लागत आएगी.  कांग्रेस ने नगर निगम के इस प्लान पर सवाल खड़े किए है. कांग्रेस का कहना है. कि नगर निगम ने पहले भी कचरे से बिजली पैदा करने की घोषणा की थी. जिसका कोई अतापता नहीं है. बहरहाल ग्वालियर की गौशाला में करीब डेढ़ हजार से ज्यादा छोटे-बड़े सांड हैं. ऐसे में इनसे बिजली बनाने का फार्मूला सफल हो जाता है. तो इससे निगम की गौशाला और निगम के दफ्तर रौशन हो सकेंगे