रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उच्च शिक्षा सचिव सुरेंद्र कुमार जायसवाल की पुस्तक ‘विभिन्न अधिनियमों में राजस्व अधिकारियों के अधिकार एवं शक्तियां का विमोचन किया। यह किताब राजस्व से जुड़े अधिकारियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। सीएम ने किताब के लिए जायसवाल को शुभकामना दी।
मंत्रालय में सोमवार को सीएम बघेल ने किताब को विमोचन किया। इस अवसर पर जायसवाल की पत्नी श्रीमती रमा जायसवाल एवं पुत्री अपराजिता जायसवाल भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में राजस्व अधिकारियों के कार्य चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। अक्सर व्यवहारिक समस्या यह आती है कि किस अधिनियम की किस धारा के तहत तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकती है, क्योंकि कार्यवाही करने के लिए प्रासंगिक समस्त नियमों-अधिनियमों की जानकारी होती नहीं है। ऐसी स्थिति में Ready Reckoner के रूप में यह पुस्तक है, तो वे अपने कर्तव्यों का बेहतर निर्वहन कर सकते हैं।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए जायसवाल ने किताब का संकलन किया है। इसके पहले उनकी दो किताबें प्रकाशित हो चुकी है। जायसवाल राजस्व के अच्छे जानकार अफसरों में से एक हैं। वे 2000 बैच के आईएएस अफसर हैं। वे 1984 बैच के डिप्टी कलेक्टर रहें। मूलत: मुंगेली जिले के निवासी है। वर्तमान में सचिव राज्यपाल और उच्च शिक्षा विभाग भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इस मौके पर किताब के बारे में बताते हुए जायसवाल ने कहा कि हमारी न्याय संहिता की हर कंडिका मानवीय गरिमा का उद्घोष करती है। राजस्व अधिनियम की संपूर्णता और समावेशी प्रकृति सर्वप्रतिष्ठित है। यह इसलिए भी कि लोकतंत्र की नींव “सबके लिए न्याय” के सूत्रवाक्य के साथ रखी गई है। कई बार राजस्व अधिकारियों के सामने ऐसे प्रकरण आ जाते हैं जिनका वे चाहकर भी तत्काल निराकरण नहीं कर पाते हैं। ऐसा नहीं है कि वे उस पर कोई त्वरित निराकरण कर परिणाम नहीं देना चाहते है बल्कि इसलिए की निराकरण के लिए उनके पास कौन से अधिकार, किस अधिनियम, और किस धारा के अंतर्गत है, यह उन्हें तत्काल स्मृत नहीं हो पाता है। अतः स्वाभाविक रूप से, समुचित कार्यवाही में उन्हें समय लगता है। यह निर्विवादित है कि राजस्व अधिकारी अपनी संपूर्ण क्षमता एवं कर्मठता से कार्य कर परिणाम देना चाहता है। इस हेतु यदि उनके पास विभिन्न अधिनियमों में प्राप्त अधिकार/शक्तियों का विवरण मौजूद हो तो वे मामलों का सरलता व शीघ्रता से निपटारा कर सकेंगे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न अधिनियमों में राजस्व अधिकारी के अधिकार/शक्तियों का संकलन इस पुस्तक में किया गया है, जिसे राजस्व अधिकारी Ready Reckoner की तरह उपयोग कर सकते है।