एक तरफ जहा मध्यप्रदेश की सरकार सिंगरौली को सिंगापूर बनाने लिए कई बड़े-बड़े आद्योगिक इकाईया सिंगरौली में स्थापित दिए ,जिससे सिंगरौली के विकाश में चार चाँद लग गए लेकिन वही दूसरी ओर सिंगरौली जिले से आद्योगिक इकाईया से विस्थापित हुए ,किसान ,युवा ,महिलाये ,वुजूर्ग , एवं यहाँ के पुस्तैनी वासिन्दा अपनी ही जमीं बेदखल होकर दर -दर की ठोकरे खाने के लिए मजबूर है। आलम यह है की यहाँ के युवा वर्ग के लोग पलायन हो रहे है। ताजा मामला सिंगरौली जिले में स्थापित एस्सार पावर ऍम पि लिमिटेड बंधौरा का है , इस कंपनी से विस्थापित हुए चार गांव के लोग पिछले 5 महीने से धरने पर बैठे है ,लेकिन इनकी सुध न तो जिला प्रशासन ने ली और न ही मध्यप्रदेश की सरकार ने ,प्रदूषण ,रोजगार ,नौकरी एवं पुर्नवास निति 2002 पालन, इन चार सूत्रीय मांगो को लेकर धरने पर बैठे है।
गौरतलब है की एस्सार पावर ऍम पि लिमिटेड बंधौरा से प्रभावितों के लिए पुनर्वास योजना 2002 तथा अतरिक्त पुनर्वास पैकेज 2002 के अनुसार अभी तक किसी भी किसान को इस का लाभ नही देने के कारण पत्रकार संघटन ने संम्पूर्ण ग्रमीण बसाहट का पट्टा देने , परिवार के एक सदस्यों को स्थाई रोजगार देने , 2002 पुर्नवास निति के अनुसार मुआवजा देने जैसी चार सूत्री मांगों को ले कर अनिश्चित कालीन आमरण अनशन प्रारम्भ कर सभी किसान हितो को ध्यान में रखते हुऐ सभी मांगो को जल्द से जल्द पूरी करने की मांग की।