शिक्षण संस्थानों को जन सरोकारों से जुड़ने की जरूरत : मुख्यमंत्री

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शिक्षण संस्थानों को जन सरोकारों से जुड़ने की जरूरत : मुख्यमंत्री

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  • Publish Date - November 19, 2020 / 03:24 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:14 PM IST

लखनऊ, 19 नवम्बर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षण संस्थानों को जन सरोकारों से जुड़ने की जरूरत पर जोर देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इन संस्थानों को जरूरत पड़ने पर समाज के लिए अन्य उपयोगी कार्य भी करने चाहिए।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी उत्सव के उद्घाटन अवसर पर कहा कि शिक्षण संस्थानों को जनसरोकारों से जुड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, शिक्षकों के साथ ही अभिभावक, पुरातन छात्र भी शिक्षण संस्थानों के अंग होते हैं। शिक्षण संस्थानों में इनकी भी उपयोगी भूमिका है, क्योंकि इनके पास विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी होती है।

उन्होंने कहा कि ज्ञान का क्षेत्र विस्तृत है, इसलिए इसमें सबको जोड़कर आगे बढ़ने से शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता का स्तर बढ़ता है। सभी शिक्षण संस्थानों को आवश्यकता पड़ने पर समाज के लिए शिक्षण से इतर अन्य उपयोगी कार्य करने चाहिए।

योगी ने लोकभाषा, लोकज्ञान, लोकसंस्कृति के संरक्षण के कार्य से भी शिक्षण संस्थानों के जुड़ने पर बल दिया। शिक्षण संस्थाओं द्वारा हस्तशिल्प के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है और इसे विभिन्न चरणों में 2022 तक लागू किया जाना है। उन्होंने कहा कि नीति में ज्ञान के सैद्धान्तिक पक्ष के साथ ही व्यावहारिक पक्ष का भी समावेश है। ज्ञान के इन दोनों पक्षों में समन्वय आवश्यक है। इससे विद्यार्थी डिग्री प्राप्त करने के साथ ही स्वावलम्बी और समाज के आधार स्तम्भ बनेंगे।

उन्होंने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ जुड़कर आगे बढ़ेगा, तो नये प्रतिमान स्थापित करेगा।

अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे करने पर लखनऊ विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए योगी ने कहा कि इस गौरवशाली यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय ने अकादमिक क्षेत्र में राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं।

कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने भी संबोधित किया।

भाषा सलीम देवेंद्र

देवेंद्र