दुर्ग पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी जमानतदार बनकर आरोपियों को जमानत दिलाने का काम किया करता था। ये जमानतदार इतने शातिर थे कि हर केस और हर जमानत के हिसाब से कागजात में फेरबदल कर लिया करते थे, इस काम के लिए ना सिर्फ फर्जी दस्तावेज तैयार किये जाते, बल्कि तहसीलदार और SDM के तक फर्जी तरीके से इस्तेमाल किये जाते थे। ये गिरोह ना सिर्फ दुर्ग बल्कि रायपुर और अन्य जगहों पर सक्रिय है। दरअसल कुछ दिन पहले पुलिस को ऋण पुस्तिका से जमानत लेने वाले जमानतदार का नाम और पता फर्जी होने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में अपनी जांच आगे बढ़ायी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उन लोगों पर नजर रखनी शुरू की, जो ऋण पुस्तिका के साथ जमानत के लिए कोर्ट परिसर में घूमते रहे हैं। जब पुलिस ने जांच की, तो पता चला कि इन लोगों के पास खुद की जमीन नहीं है.. लेकिन उनके पास ऋण पुस्तिका मौजूद है। पुलिस ने पुख्ता सूचना हासिल करने के बाद संजय उर्फ गुड्डा महाराज को हिरासत में लेकर पुछताछ शुरू की.
पुलिस ने सख्ती से पुछताछ की, तो संजय ने अपनी करतूत स्वीकार की साथ ही ये भी बताया कि वो अलग-अलग लोगों को पैसे के एवज में जमानतदार बनाकर कोर्ट में पेश किया करता था। आरोपी के घर से 67 फर्जी ऋण पुस्तिका व तहसीलदार की सील-मुहर बरामद की गयी है। संजय ने अपने गुनाह को कबूल करते हुए पुलिस को बताया है कि इस घटना में 10 से 15 लोग शामिल हैं.जो रायपुर-दुर्ग में इसी तरह के काम किया सकते है. अभी तक इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही 106 ऋण पुस्तिका भी बरामद की गयी है। गिरफ्तार युवकों में संजय के अलावे राजकुमार मेश्राम, विनोद निषाद का नाम शामिल है।