जनता मांगे हिसाब के सफर की शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ की धरसींवा विधानसभा से..सियासी बिसात और मुद्दों से पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर।
रायपुर जिले में आती है विधानसभा सीट
जनसंख्या-2 लाख 60 हजार
कुल मतदाता-2 लाख 4 हजार
पुरुष मतदाता-1 लाख 8 हजार
महिला मतदाता-96 हजार
विधानसभा में 139 पंचायत और दो नगर पंचायत
तिल्दा ब्लॉक का आधा हिस्सा और धरसींवा ब्लॉक शामिल
वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा
देवजी भाई पटेल हैं बीजेपी विधायक
धरसींवा की सियासत
धरसींवा विधानसभा में बीते तीनों चुनावों से कमल खिलता आ रहा है.. जबकि कांग्रेस जीत की तलाश में है…धरसींवा में अब तक मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस में रहता था लेकिन अब त्रिकोणीय होगा..क्योंकि इस बार JCCJ भी चुनौती पेश करेगी ।
धरसींवा विधानसभा में बीते तीनों चुनावों से कमल खिलता आ रहा है.. जबकि कांग्रेस जीत की तलाश में है…धरसींवा में अब तक मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस में रहता था लेकिन अब त्रिकोणीय होगा..क्योंकि इस बार JCCJ भी चुनौती पेश करेगी ।
एक दौर था जब कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी धरसींवा विधानसभा सीट…लेकिन बदलते वक्त के साथ सियासी तस्वीर भी बदलती चली गई…1984 के बाद हुए 7 चुनाव में 5 बार बीजेपी ने जीत का परचम लहराया है…बीते 3 चुनावों से बीजेपी के देवजी भाई पटेल विजय रथ पर सवार हैं..अब एक बार फिर चुनाव की रणभेरी बजने वाली है तो सियासी रंग में रंगने लगी है विधानसभा..जहां बीजेपी जीत का चौका लगाने की तैयारी में जुटी हुई हैं तो वहीं कांग्रेस बीजेपी के विजय रथ को रोकने की रणनीतियां बना रही है।
इसके साथ ही विधायक की टिकट के दावेदार भी सामने आने लगे हैं..सबसे पहले बात बीजेपी की करें तो वर्तमान विधायक देवजी भाई पटेल दावेदारों में सबसे आगे हैं…इसके अलावा जिलाध्यक्ष गुलाब टिकरिहा और डोगेंद्र नायक भी टिकट की दौड़ में हैं..बात कांग्रेस की करें तो बीते चुनाव में हार का सामना कर चुकीं अनीता शर्मा प्रबल दावेदार हैं.. इसके अलावा चंद्रशेखर शुक्ला, उद्योग वर्मा और देवव्रत नायक भी दावेदार हैं…जहां बीजेपी-कांग्रेस में दावेदारों की फौज है तो वहीं JCCJ ने विधान मिश्रा को उम्मीदवार घोषित कर दिया है ।
धरसींवा के मुद्दे
धरसींवा विधानसभा में एक नहीं कई समस्याएं हैं शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार सभी मोर्चा पर फेल नजर आती है विधानसभा.विकास का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि गर्मियो में पीने के पानी के लिए भी तरस जाते हैं लोग ।
कहने को तो औद्योगिक क्षेत्र के रूप में भी पहचाना जाता है धरसींवा लेकिन फिर भी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं लोग…कारखाने तो लगे दिखाई देते हैं लेकिन स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है…नतीजा पलायन लगातार बढ़ रहा है..इसके अलावा बढ़ते प्रदूषण से भी जनता परेशान है…ना हवा शुद्ध है और ना ही पानी…विधानसभा में किसान भी संकटों से घिरा नजर आता है..धान बोनस को लेकर किसान आक्रोशित हैं..तो वहीं सूखा राहत राशि के लिए भी भटक रहे हैं किसान..इन सबके बीच पेयजल संकट से भी जूझ रही है जनता…गर्मियों में तो हालत ऐसी की एक-एक बूंद पानी के लिए तरस जाते हैं किसान…धरसींवा में स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा भी बदहाल नजर आती है..इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं की भी हालत खराब है ।
वेब डेस्क, IBC24