रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर बालिका शिक्षा को समर्पित एक अभिनव समारोह का गवाह बना। IBC24 स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप के जरिए साल 2015 में जो मुहिम शुरू हुई थी, उसके चौथे पड़ाव का आयोजन शुक्रवार शाम किया गया। इस कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव और मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कुल 29 छात्राओं और 8 छात्रों का सम्मान किया। इस अवसर पर गोयल ग्रुप ऑफ कंपनीज और IBC24 के चेयरमैन सुरेश गोयल और अध्यात्म गुरु पवन सिन्हा, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय और स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप मौजूद थे।
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— IBC24 (@IBC24News) July 20, 2018
इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि हमेशा आदमी को ऊर्जा से भरा रहना चाहिए। आज ये मंच बहुत ऊर्जावान है, क्योंकि बेटियों का सम्मान हो रहा है। उन्होंने कहा कि रमन सिंहजी हम सब के दिल में रमे हुए हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि यदि अध्यात्म हो तो आदमी कभी भूतपूर्व नहीं होता। राजनीति में तो 5 साल में भूतपूर्व हो जाते हैं लेकिन रमन सिंहजी 15 साल से लोगों के दिल में हैं। कोई किसी दल का व्यक्ति हो उसे रमन सिंहजी के चेहरा, चाल और चरित्र से कोई समस्या नहीं है, नहीं तो कई लोगों का चेहरा देखकर ही लोग नफरत करते हैं। रमन सिंहजी लोगों को गले लगाते हैं, यही इनकी विशेषता है। जो भी इनके पास मुख्यमंत्री आवास जाता है उसे मिठाई खिलाकर भेजते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि आप किसी की बीमारी को ठीक कर सकते हैं तो उसकी लाचारी को दूर करने के लिए आपको कोशिश करना चाहिए। राजनीति हजारों लाखों लोगों की समस्या दूर करने का माध्यम है। रमन सिंहजी इसमें लगे हुए हैं।
उन्होंने छात्रों को टिप्स देते हुए कहा कि जिंदगी में कभी भी आपकी हंसी, आपकी मुस्कान कभी कम नहीं होनी चाहिए। मान या अपमान विधि का विधान है, लेकिन इस सबके बीचे में आपकी मुस्कान गायब नहीं होनी चाहिए। हमेशा खुश रहें, इससे छात्र अपने ब्रेन का पूरा पोटेंशियल इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो खुश रह्ता है उसके दिमाग की बत्ती जली हुई होती है। वो कनफ्यूज़ नहीं होता, सही डिसिजन ले सकता है। उन्होंने कर्म को ही पूजा बताते हुए कहा कि इस जीवन का अगर कोई मर्म है तो वह कर्म है और सबसे बड़ा कर्म धर्म है।
उन्होंने कहा कि मैं एक अनपढ़ माता-पिता के घर में पैदा हुआ, सरकारी स्कूल और गुरुकुल में पढ़ा। हमने जो पतंजलि में जो किया आज वह हॉवर्ड में केस स्टडी है। जो करना है पूरी ताकत से करो। पढ़ाई करते हुए अपने आप को पूरा झोंक दो, काम करते हुए अपने आप को पूरा झोंक दें। पुरुषार्थ, मेहनत ही सार हैं। सेल्फ कॉम्पिटीशन होनी चाहिए, इसे हिंदी में आत्मस्पर्धा कहते हैं। तय करें कि मुझे अगले साल इससे बेहतर करना है। धरती पर भगवान की सर्वश्रेष्ठ रचना मनुष्य है। जिंदगी एक बीज की तरह है, जैसे एक बीज में अनंत बीज होने का सामर्थ्य होत है, ऐसे गुण अपने भीतर लाएं। जब ऐसा होता है मानव के भीतर से महामानव प्रकट होता है। हमारे भीतर इंसानियत भी है हैवानियत भी है, लेकिन नर के अंदर के नारायण को जगाएं। उन्होंने छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया आगे का नारा लगाते हुए कहा कि योग का सबसे बड़ा कीर्तिमान छत्तीसगढ़ में ही बनना है। पूरी दुनिया में योग आयोग बनाने का सबसे पहला काम रमन सिंहजी ने किया।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा गुणवत्ता बेहतर हुई : रमन
वहीं मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने सभी होनहार बेटियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में ये एक अद्भुत काम है होनहार बेटियों का सम्मान करना। इस सम्मान से उनकी जिंदगी में परिवर्तन आ सकता है। छत्तीसगढ़ में अभी भी स्थिति ये है कि जिन स्कूलों को नक्सलियों ने तोड़ा था वहां आज भी छात्र पढ़ने आते हैं। उन्होंने प्रयास आवासीय स्कूल का जिक्र करते कहा कि यहां के छात्रों ने साबित किया है कि उनमें ललक थी लेकिन मौका नहीं था। यहां के बच्चे आज मेडिकल कॉलेज, आईआईएम में जाकर खुद को साबित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हमें जवाबदारी मिली तो 23-24 हजार स्कूल ही थे, आज 62 हजार प्राइमरी, मिडिल और हाईस्कूल हो चुके हैं। आज शासकीय स्कूलों के बच्चे जो प्रतिभा दिखा रहे हैं, उसके पीछे शिक्षा विभाग की मेहनत है। अब ड्रॉप आउट का रेट 1 फीसदी से भी कम जा रहा है, ये पहले 11 फीसदी था। छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि ये ही बच्चे कल को सिस्टम संभालेंगे। उन्होंने होनहार बेटियों को सम्मानित करने के लिए IBC24 को बधाई दी।
बेटियां अपना रास्ता निकालना जानती हैं : गोयल
कार्यक्रम में IBC24 के चेयरमैन सुरेश गोयल ने अपने संबोधन की शुरुआत में सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि हंसती बेटियां जन्नत का दरवाजा है। हमने इसी सोच के साथ स्कॉलरशिप की शुरुआत की। बेटियों को शिक्षित बनाने की एक कोशिश है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां अपने लिए रास्ता निकालना जानती हैं, बेटियों ने हर बेड़ियों को तोड़ा है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद टॉपर बेटियों को बधाई दी और उन्हें भरोसा दिलाया कि हम उनके साथ हैं।
जिंदगी की शुरुआत स्वप्न से होती है : अध्यात्म गुरु सिन्हा
इस मौके पर मौजूद अध्यात्म गुरु पवन सिन्हा ने कहा कि हम बच्चों से बेबाकी से बात करेंगे। बच्चे खासतौर पर अपना संकोच त्याग करें। मैं सपनों की अक्सर बात करता हूं, मुझे लगता है जिंदगी की शुरुआत स्वप्न से होती है, जो स्वप्न देखते हैं। हर व्यक्ति कोई न कोई स्वप्न देखता है। सबके पास स्वप्न होते हैं, लेकिन मैं उन स्वप्न की बात नहीं कर रहा हूं जो आप हर वक्त देखते हैं, सोते-जागते हर वक्त। उन्होंने मौजूद एक छात्रा से उसके स्वप्न के बारे में पूछा, छात्रा ने अपने सपने के बारे में बताया कि वह बायलॉजी स्ट्रीम से है, इसलिए एमबीएसएस करना उसका सपना है। जबकि एक दूसरी छात्रा ने बताया कि वह देश के लिए कुछ करना चाहती है, अपने परिवार का सपना पूरा करना चाहती है। इस पर अध्यात्म गुरु ने कहा कि इस बच्ची को मालूम है कि उसके परिवारवालों ने उसके लिए क्या क्या त्याग किए होंगे इसलिए वह परिवार का सपना पूरा करना चाहती है।
इन्होंने किया स्वागत
इस अवसर पर गोयल ग्रुप ऑफ कंपनीज और IBC24 के चेयरमैन सुरेश गोयल ने योग गुरु बाबा रामदेव का स्वागत किया। मैनेजिंग डायरेक्टर राजेंद्र गोयल ने विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल का स्वागत किया। IBC24 के एडिटर इन चीफ रविकांत मित्तल ने स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप और अध्यात्म गुरु पवन सिन्हा का स्वागत किया। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री का स्वागत एडिटर इन चीफ रविकांत मित्तल ने किया। इस अवसर पर स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया।
इनका हुआ सम्मान
सरगुजा संभाग के सरगुजा से कलावती, सूरजपुर से भारती रजवाड़े, बलरामपुर से प्रमिला, कोरिया से संध्या सिंह, जशपुर से भावना लता कुर्मी, जबकि बस्तर संभाग के सुकमा की आंचल यादव, बीजापुर से सीमा जुवड़े, दंतेवाड़ा से दीपा गुप्ता, जगदलपुर से पद्मिनी, कांकेर से प्रीति पाल, कोंडागांव से सना मोकाती और नारायणपुर से ईश्वरी का सम्मान किया गया। इसी तरह छत्तीसगढ़ के अन्य सभी संभागों के जिलों की टॉपर्स का सम्मान करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र और स्कॉलरशिप की राशि दी गई। प्रदेश में टॉप करने वाली छात्रा के स्कूल को भी 1 लाख रूपए का विशेष सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में इन्हीं बेटियों पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक ‘मेधा-2018‘ का विमोचन भी किया गया।
वेब डेस्क, IBC24