जाको राखे साइंया मार सके ना कोय, जीहां ये चंद पंक्तियां इस नवजात पर सहीं बैठती है. क्योंकि इसके जिस अपनों इसे मरा समझ कर दफनाया होगा या कोई जानबूझ अपनी करतूत को छिपाने के लिए इसे दफ्न कर मारने की कोशिश की होगी. वो पूरी नहीं हो सकी.
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मध्यप्रदेश के सागर जिले स्थित भवूकावारी गांव में ऐसी हृदय विदारक घटना घटी है जिसे सुनकर आपके भी आंसू बह जाएंगे, गांव का नाम तो भवूकावारी है लेकिन इस घटना से प्रतीत होता है जैसे इस गांव की भावना मर सी गई हो. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ये घटना आपको झकझोर कर रख देगी.
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हर दिन के जैसे गांव में स्कूल के मैदान में कुछ बच्चे खेल रहे थे खेलते-खेलते बच्चों को दूर से एक ऐसी चीज दिखाई पड़ी जिसे देखते ही वो उसके पास जाने से खुद को रोक नहीं पाए. पास पहुंचे तो बच्चों को मिट्टी से एक नन्हा सा हाथ बाहर निकला दिखाई पड़ा. बच्चों ने देर न करते हुए ये सारी बाते अपनी टीचर को बताया.
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टीचर ने डायल 100 पर कॉल कर पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी, पुलिस मौके पर पहुंची और जब मिट्टी हटाया गया तो सबकी सांसें थम सी गई. मिट्टी में दफ्न नवजात की सांसें चल रही थी. टीचर ने गांव वालों की मदद बिना कोई देर करते हुए नवजात को सबसे पहले गांव के सामूदायिक केंद्र के अस्पताल में भर्ती कराया. हालात गंभीर होता देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. जहां उसे ICU में भर्ती किया गया है. नवजात के पेट और पीठ में चोट आने के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.
वेब डेस्क, IBC24