कुछ दिनों पहले भोपाल सेंट्रल जेल में सेंध लगाते हुए…सिमी के आठ आतंकी फरार हो गए थे…हालांकि कुछ घंटों के बाद सभी आतंकी मारे गए…लेकिन जेल ब्रेक ने प्रदेश की सबसे हाईटेक मानी जाने वाली जेल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी…घटना के बाद सरकार और अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए तो सभी जिम्मेदारों ने ताबड़तोड़ मीटिंग की…सीएम से लेकर सीएस तक सभी ने ऐलान भी किया कि सेंट्रल जेल भोपाल को अभेद किले की तरफ बनाया जाएगा…लेकिन अफसोस कुछ समय बाद जिम्मेदार अपनी ही बातें भूल गए….और सिर्फ साढ़े नौ करोड़ के लिए जनता की सुरक्षा को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।
जेल में बंद खतरनाक आतंकियों और खूंखार अपराधियों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल रोकने के लिए फिलहाल जैमर नहीं लगाए जाएंगे…मतलब साफ है जेल के अंदर खतरनाक और शातिर अपराधी मोबाइल का इस्तेमाल करते रहेंगें….सबसे गंभीर बात ये है, कि जेल मुख्यालय ने सरकार के रवैये से निराश होकर ये निर्णय लिया है, कि इस वित्तीय वर्ष में जैमर लगाने का प्रस्ताव नहीं भेजा जाएगा।
दरअसल साढ़े नौ करोड़ के जैमर लगाने के लिए जेल मुख्यालय ने चार बार शासन को प्रस्ताव भेजा…लेकिन वित्त विभाग ने हर बार इस पर आपत्ति लगाकर बजट देने से इनकार कर दिया।