US Iran War End: भारत में पेट्रोल-डीजल होगी सस्ती, अमेरिका-ईरान के बीच लागू हुआ MoU, जानें कैसे ख़त्म हुई 4 महीने की जंग?

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US Iran War End: अमेरिका-ईरान के बीच पिछले कई महीनों से चल रहे युद्ध पर आखिरकार विराम लग चुकी है। MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

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  • Publish Date - June 18, 2026 / 07:55 AM IST,
    Updated On - June 18, 2026 / 07:55 AM IST

US Iran War End/Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) लागू हो गया
  • राष्ट्रपति Donald Trump और Masoud Pezeshkian ने डिजिटल हस्ताक्षर किए
  • होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोला जाएगा और ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के फंड का प्रावधान किया गया है

वॉशिंगटन/तेहरान: US Iran War End अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से चल रहे युद्ध पर आखिरकार विराम लग चुकी है। दोनों देशों के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं और यह लागू भी हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा। अब सभी के मन में ये सवाल उठ रहे होंगे कि अमेरिका-ईरान युद्ध विराम के बाद होर्मुज स्ट्रेट खुलने से भारत में पेट्रोल-डीजल के कीमत पर क्या असर पड़ेगा? क्या पेट्रोल-डीजल सस्ती होगी।

ईरान के लिए 300 अरब डॉलर
अमेरिकी-ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस दस्तावेज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए हैं। इसके पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने इस पर हस्ताक्षर किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। 14 सूत्रीय समझौते में कहा गया है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। इसमें ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर के फंड का भी प्रावधान है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस समझौते का मकसद चार महीने से चल रहे टकराव को खत्म करना और दुनिया के लिए ऊर्जा की सप्लाई के अहम मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है।

ईरान के साथ समझौता पूरा: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर इस समझौते की पुष्टि की। ट्रंप ने कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है. सभी को बधाई। ट्रंप ने यह भी घोषणा की है कि दुनिया के सबसे अहम ऑयल रूट में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोला जाएगा और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी भी हटाई जाएगी।

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर होगा असर?

MoU पर हस्ताक्षर के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध खत्म होने और शांति समझौते की खबर से तेल आपूर्ति ठप होने का डर पूरी तरह खत्म हो गया है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ेगा? जनता को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में तेल कंपनियां तेल की कीमतों में राहत दे सकती हैं।

ऑयल मार्केट धड़ाम

सोमवार को एशियाई कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड का भाव 4.39 फीसदी टूटकर 81.15 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव करीब 4 फीसदी टूटकर 84 डॉलर के स्तर से भी नीचे आ गया है।

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अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में क्या तय हुआ है?

इस 14 सूत्रीय समझौते में युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना, ईरान पर कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत शामिल है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) क्यों महत्वपूर्ण है?

यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इसके खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।

क्या इस समझौते से ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हट जाएंगे?

समझौते के अनुसार प्रतिबंधों में राहत चरणबद्ध तरीके से दी जा सकती है, लेकिन यह आगे की वार्ताओं और समझौते के पालन पर निर्भर करेगा।

ईरान को 300 अरब डॉलर का फंड क्यों दिया जाएगा?

यह फंड ईरान के पुनर्निर्माण, आर्थिक विकास और युद्ध के बाद की आवश्यक परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित किया गया है।

क्या इस समझौते से मध्य पूर्व में स्थायी शांति आ जाएगी?

विशेषज्ञों के अनुसार यह एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन स्थायी शांति के लिए परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर आगे भी बातचीत जरूरी होगी।