US Iran War End/Photo Credit: AI
वॉशिंगटन/तेहरान: US Iran War End अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से चल रहे युद्ध पर आखिरकार विराम लग चुकी है। दोनों देशों के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं और यह लागू भी हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा। अब सभी के मन में ये सवाल उठ रहे होंगे कि अमेरिका-ईरान युद्ध विराम के बाद होर्मुज स्ट्रेट खुलने से भारत में पेट्रोल-डीजल के कीमत पर क्या असर पड़ेगा? क्या पेट्रोल-डीजल सस्ती होगी।
ईरान के लिए 300 अरब डॉलर
अमेरिकी-ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस दस्तावेज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए हैं। इसके पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने इस पर हस्ताक्षर किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। 14 सूत्रीय समझौते में कहा गया है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। इसमें ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर के फंड का भी प्रावधान है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस समझौते का मकसद चार महीने से चल रहे टकराव को खत्म करना और दुनिया के लिए ऊर्जा की सप्लाई के अहम मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है।
ईरान के साथ समझौता पूरा: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर इस समझौते की पुष्टि की। ट्रंप ने कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है. सभी को बधाई। ट्रंप ने यह भी घोषणा की है कि दुनिया के सबसे अहम ऑयल रूट में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोला जाएगा और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी भी हटाई जाएगी।
MoU पर हस्ताक्षर के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध खत्म होने और शांति समझौते की खबर से तेल आपूर्ति ठप होने का डर पूरी तरह खत्म हो गया है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ेगा? जनता को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में तेल कंपनियां तेल की कीमतों में राहत दे सकती हैं।
सोमवार को एशियाई कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड का भाव 4.39 फीसदी टूटकर 81.15 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव करीब 4 फीसदी टूटकर 84 डॉलर के स्तर से भी नीचे आ गया है।