नर्मदा का पानी, सिटी बस सेवा और बाइपास की बाट जोह रही सांवेर की जनता

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नर्मदा का पानी, सिटी बस सेवा और बाइपास की बाट जोह रही सांवेर की जनता

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  • Publish Date - June 19, 2018 / 10:16 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 09:00 PM IST

अब बात मध्यप्रदेश की सांवेर विधानसभा की..सियासी समीकरण और मुद्दों से पहले एक नजर विधानसभा के प्रोफाइल पर..

इंदौर जिले में आती है विधानसभा सीट

कुल मतदाता- 2 लाख 10 हजार 381

महिला मतदाता-99 हजार 923

पुरुष मतदाता-1 लाख 10 हजार 458

वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा

राजेश सोनकर हैं बीजेपी विधायक

सांवेर विधानसभी की सियासत

सांवेर विधानसभा में चुनावी दांव-पेंच अब दिखने लगे हैं..बीजेपी और कांग्रेस जीत की जुगत में जुट गए हैं…इस जीत-हार के गणित के बीच टिकट की दावेदारी भी शुरु हो गई है ।

कभी बीजेपी का परचम ,तो कभी कांग्रेस ने अपनी जीत का झंडा लहराया..कुछ ऐसी ही सियासी तस्वीर हैं सांवेर विधानसभा की..2008 में कांग्रेस के तुलसी सिलावट ने बीजेपी के निशा प्रकाश सोनकर को शिकस्त दी..लेकिन 2013 में बीजेपी के राजेश सोनकर ने कांग्रेस के तुलसी सिलावट को मात दी.. अब फिर चुनाव हैं तो एक तरफ जहां बीजेपी अपनी जीत बरकारर रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी तो वहीं कांग्रेस अपनी वापसी को कोशिश में होगी।

इसके साथ ही विधायक की टिकट की रेस भी शुरु हो गई है…बात बीजेपी की करें तो वर्तमान विधायक राजेश सोनकर प्रबल दावेदार हैं..तो वहीं सावन सोनकर,सूरज कैरो और विजय कमल सोनकर भी दावेदार हैं..अब बात कांग्रेस की करें तो पूर्व विधायक तुलसी सिलावट टिकट की दौड़ में सबसे आगे हैं..इसके अलावा भी कांग्रेस में दावेदारों की लंबी लाइन है ।

सांवेर विधानसभा के मुद्दे

सांवेर में विकास के वादे और दावे तो खूब किए गए लेकिन हालात नहीं बदले..सिटी बस सेवा और नर्मदा का पानी सांवेर लाने का वादा अब तक महज वादा ही साबित हुआ है ।

सांवेर विधानसभा में जहां तक नजर जाती हैं समस्याएं ही नजर आती हैं..नर्मदा का पानी सांवेर के लिए मिले इसके लिए सालों से मांग की जाती रही है लेकिन अब तक पूरी नहीं हो सकी है..तो वहीं मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब तक सिटी बस सेवा के इंतजार में है सांवेर…इसके अलावा सांवेर से चंद्रावतीगंज को इंदौर मार्ग से जोड़ने के लिए बायपास की मांग भी सालों गुजर जाने के बाद पूरी नहीं हो सकी…विधानसभा का किसान में संकटों से घिरा नजर आता है..कहीं सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तो कहीं उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है..कृषि मंडी में भी किसान समस्याओं से दो-चार हो रहे हैं ।

इन सबके बीच शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार की भी हालत खराब है..स्कूल से लेकर छात्रावास तक बदहाल हैं..बारिश में तो स्थिति ये रहती है कि जलभराव की वजह से छात्र स्कूल तक नहीं जा पाते..स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीज इंदौर जाने को मजबूर हैं…बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है..क्योंकि रोजगार के साधन हैं नहीं..नतीजा पलायन को मजबूर हैं लोग ।

 

वेब डेस्क, IBC24