दिवंगत सूफी संत खुशहाल मियां की पत्नी की जमानत याचिका खारिज, वन भूमि अतिक्रमण के मामले में दर्ज हुई थी FIR

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दिवंगत सूफी संत खुशहाल मियां की पत्नी की जमानत याचिका खारिज, वन भूमि अतिक्रमण के मामले में दर्ज हुई थी FIR

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  • Publish Date - December 3, 2020 / 12:31 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:18 PM IST

मुजफ्फरनगर(उप्र), तीन दिसंबर (भाषा) वन भूमि अतिक्रमण के मामले में एक स्थानीय अदालत ने दिवंगत सूफी संत खुशहाल मियां की पत्नी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

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जिला न्यायाधीश राजीव शर्मा ने बुधवार को नाजिया की जमानत याचिका खारिज कर दी।

पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में अवैध रूप से वन भूमि पर कब्जा करने को लेकर दिवंगत सूफी संत की चिल्लाहगाह से संबद्ध तीन लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है।

भोपा पुलिस थाने में 19 नवंबर को यह मामला नाजिया, उनके दामाद एवं एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया।

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पुलिस के मुताबिक बिहारीगढ़ गांव स्थित यह धार्मिक परिसर एक संरक्षित वन क्षेत्र में बनाया गया था और इस निर्माण कार्य को वन विभाग ने अवैध करार दिया था।

परिसर में एक मस्जिद और सूफी संत की दरगाह के अलावा एक चिल्लाहगाह तथा सूफी संत के परिवार का आवास भी था।

अधिकारियों ने बताया कि यह भूमि पट्टे पर दी गई थी, जिसकी समय सीमा 2016 में खत्म हो गई। इसके बाद वन विभाग ने परिसर में रह रहे परिवार को एक नोटिस जारी कर उनसे यह स्थान खाली करने को कहा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

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प्रशासन ने पिछले महीने मस्जिद के आसपास के अवैध ढांचे और चिल्लाहगाह को ध्वस्त कर दिया।

मामले में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक चिल्लाहगाह से संबद्ध लोगों ने वन भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था।