भोपाल। देश भर के पुलिस थानों में दर्ज होने वाले विभिन्न अपराधों का आंकड़ा बताता है कि किस राज्य में किस तरह के कितने अपराध हुए। इन आंकड़ों को पूरे देश से जुटाया जाता है और इसके आधार पर बनाया जाता है राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड। सवा सौ करोड़ की आबादी वाले देश में पुलिस में दर्ज होने वाले तमाम आंकड़ों का संकलन, उनकी डेटा एंट्री और प्रकाशन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो, एनसीआरबी) की होती है। एनसीआरबी की क्राइम इन इंडिया-2016 रिपोर्ट जारी की गई है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को देश के सामने रखा है।
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राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की इस रिपोर्ट के आंकड़े मध्य प्रदेश के लिए बेहद शर्मनाक है क्योंकि एक बार फिर मध्य भारत का ये महत्वपूर्ण भाजपा शासित राज्य दुष्कर्म के मामलों में पूरे देश में टॉप पर है। मध्य प्रदेश में 2016 में दुष्कर्म के 4,882 मामले दर्ज किए गए जो देश भर में दर्ज दुष्कर्म के कुल मामलों का 12.5 फीसदी है। ये आंकड़े बताते हैं कि देश में दुष्कर्म की शिकार हर आठवीं लड़की या महिला मध्य प्रदेश की है। आपको बता दें कि 2014 और 2015 में भी मध्य प्रदेश महिलाओं से दुष्कर्म के मामलों में देश में नंबर वन पर ही था।
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मध्य प्रदेश के बाद दुष्कर्म के मामलों में दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश है, जहां 2016 में 4,816 केस दर्ज किए गए, जो कुल मामलों का 12.4 फीसदी है।
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शहरों की बात करें तो भारत के 19 बड़े शहरों में दुष्कर्म के मामलों में देश की राजधानी दिल्ली पहले नंबर पर है। हत्या, अपहरण, अपराध में नाबालिगों की संलिप्तता और आर्थिक अपराध के मामलों में भी दिल्ली पहले नंबर पर है।
वेब डेस्क, IBC 24