Mp Education Department E Attendance : अब नहीं चलेगी लेटलतीफी! शिक्षा विभाग का बड़ा आदेश, 1 जुलाई से हर कर्मचारी को लगानी होगी ई-अटेंडेंस

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मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 1 जुलाई से विभाग के सभी कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। अब कार्यालयों और ट्रेनिंग सेंटरों में तैनात हर कर्मचारी को 'हमारे शिक्षक ऐप' के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। विभाग का मानना है कि इससे कार्यप्रणाली में सुधार होगा और लेटलतीफी पर अंकुश लगेगा।

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 11:13 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 11:13 PM IST
HIGHLIGHTS
  • 1 जुलाई से शिक्षा विभाग में ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू होगी।
  • केवल शिक्षक ही नहीं, सभी कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे।
  • विभाग के कार्यालय और ट्रेनिंग सेंटर भी शामिल होंगे।

भोपाल: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, अब सिर्फ शिक्षकों को ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग के सभी छोटे-बड़े कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस लगानी होगी।

1 जुलाई से लागु होगा आदेश

यह नई व्यवस्था आगामी 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में लागू होने जा रही है। इस आदेश के दायरे में स्कूल शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय (ऑफिस) और ट्रेनिंग सेंटर भी आएंगे, जहाँ तैनात हर एक कर्मचारी को विभाग के आधिकारिक ‘हमारे शिक्षक ऐप’ (Hamare Shikshak App) के जरिए ही अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

पूरी तरह होगा ई-अटेंडेंस

विभाग के इस कड़े रुख से अब दफ्तरों और ट्रेनिंग सेंटरों में लेटलतीफी या गायब रहने वाले कर्मचारियों पर नकेल कसी जा सकेगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 1 जुलाई से पहले इस व्यवस्था को पूरी तरह सुनिश्चित कर लिया जाए। इस आदेश के बाद से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के बीच हड़कंप का माहौल है।

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