महोबा (उप्र),(भाषा) महोबा जिले की एक पॉक्सो अधिनियम की अदालत ने नाबालिग दलित छात्रा के साथ बलात्कार करने के दोषी सिद्ध हुए एक युवक को शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई और उस पर 17 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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विशेष लोक अभियोजक (एडीजीसी) पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो) के विशेष न्यायाधीश संतोष कुमार यादव की अदालत ने मोनू साहू नामक युवक को 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय एक दलित छात्रा के साथ बलात्कार करने का दोषी पाया और शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई व उस पर 17 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
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उन्होंने बताया कि यह घटना 24 मार्च 2017 को महोबा शहर में घटित हुई थी, उस समय छात्रा अपने विद्यालय परीक्षा देने गयी थी, तभी मोनू साहू उसे बहला-फुसला ले गया और उसके साथ बलात्कार किया।
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उन्होंने बताया कि पीड़िता के पिता ने उसके खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करवाया था, लेकिन अदालत में दर्ज पीड़िता के बयान के आधार पर बाद में बलात्कार की धारा जोड़ी गयी थी।
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