माओवादियों का खुलासा, सुरक्षाबलों की कार्रवाई में साल भर में मारे गए 200 माओवादी
माओवादियों का खुलासा, सुरक्षाबलों की कार्रवाई में साल भर में मारे गए 200 माओवादी
रायपुर। बस्तर में माओवादियों के खिलाफ पुलिस की रणनीति साबित हो रही है। इसका खुलासा खुद नक्सलियों ने किया है। कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई माओवादियों पर भारी पड़ रही है। नक्सलियों द्वारा जारी किए गए पर्चे से इस बात का खुलासा हुआ है। नक्सलियों के मुताबिक फोर्स की कार्रवाई मेें बीते साल भर में ही डेढ़ सौ नक्सली कमांडर मारे गए हैं। जिसमें महिला नक्सलियों की संख्या 72 है। सबसे ज्यादा दक्षिण सब रीजनल ब्यूरो में 65 माओवादी मारे गए हैं। यह वह इलाका है जो हमेशा से ही माओवादियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है और अब तक पूरे देश भर में सबसे ज्यादा जवान भी इसी इलाके में शहीद हुए हैं।
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देशभर में कुल 200 माओवादी लड़ाके बीते साल भर में मारे गए हैं जिसमें अकेले दंडकारण्य इलाके में डेढ़ सौ माओवादी मारे गए हैं। वहीं महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना की सीमा का क्षेत्र और बस्तर संभाग की सीमा का क्षेत्र दंडकारण्य जोन में आता है। पिछले सालभर से जिस तरह से आक्रामक हुई पुलिस ने इस इलाके में ऑपरेशन चलाएं हैं और विशेष तौर पर सुकमा इलाके को टारगेट किया गया है। जो कि माओवादियों के दक्षिण रीजनल कमेटी का इलाका है। इससे इस इलाके में माओवादियों को सर्वाधिक नुकसान उठाना पड़ा है। यह इलाका 2013 तक माओवादियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है और इस इलाके में माओवादियों की समानांतर सरकार चलती है बावजूद इसके पुलिस के ऑपरेशन में पिछले 1 साल में 65 माओवादी कमांडर इस इलाके में मारे गए हैं।
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पुलिस का कहना है कि लगातार माओवादियों का जनाधार कमजोर हो रहा है और जल्द ही बस्तर इलाके में माओवादियों की पकड़ कमजोर हो जाएगी और अब पुलिस इन इलाकों में और भी ऑपरेशन चलाने की तैयारी कर रही है।
वेब डेस्क, IBC24

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