अब रमेश बैस ने भी की आलोचना, कहा- रमन सरकार में योजनाओं के लिए न कार्यकर्ता और न ही नेताओं से पूछा जाता था

अब रमेश बैस ने भी की आलोचना, कहा- रमन सरकार में योजनाओं के लिए न कार्यकर्ता और न ही नेताओं से पूछा जाता था

अब रमेश बैस ने भी की आलोचना, कहा- रमन सरकार में योजनाओं के लिए न कार्यकर्ता और न ही नेताओं से पूछा जाता था
Modified Date: November 29, 2022 / 07:50 pm IST
Published Date: January 22, 2019 3:22 pm IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती रमन सरकार की कार्यशैली पर भाजपा नेताओं के आलोचना करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू के बाद अब सांसद रमेश बैस भी रमन सरकार की कार्यशैली की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि रमन सरकार में योजनाओं को लेकर कार्यकर्ता तो क्या, नेताओं से भी नहीं पूछा जाता था।

उन्होंने कहा कि केवल सरकार योजना बनाती थी। उसे सब को पालन करना पड़ता था। योजना के शुरू होने और क्रियान्वय को लेकर कहा कि किसी भी योजना के लिए किसी से भी नहीं पूछा जाता था। बता दें कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद इसका ठीकरा कार्यकर्ताओं पर फोड़े जाने से कई पार्टी नेता नाराज हैं और रमन सरकार की कार्यशैली और लिए गए निर्णयों की आलोचना कर रहे हैं।

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इससे पहले बीच पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने दो टूक कहा था कि नेताओं को किसानों से माफी मांगनी चाहिए। किसानों को दो साल का बोनस नहीं दिया जाना वादाखिलाफी थी। किसानों के हक के पैसे से प्रदेश में मोबाइल बांटा गया। इन्हीं सब कारणों की वजह से किसान बीजेपी से दूर हो गया और हालात सामने है। साहू ने कहा कि नेतृत्व की गलत नीतियों की वजह से हम आने वाले दस साल तक सत्ता से दूर हो गए हैं।


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