सपा, बसपा, कांग्रेस की तरह ओवैसी, ओमप्रकाश ने भी महाराजा सुहेलदेव का अपमान किया : अनिल राजभर

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सपा, बसपा, कांग्रेस की तरह ओवैसी, ओमप्रकाश ने भी महाराजा सुहेलदेव का अपमान किया : अनिल राजभर

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  • Publish Date - July 11, 2021 / 08:35 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:25 PM IST

बहराइच (उप्र), 11 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्‍याण मंत्री और बहराइच के प्रभारी अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कांग्रेस, ओम प्रकाश राजभर और असदुद्दीन ओवैसी में कोई फर्क नहीं है। इनमें से जिसे जब मौका मिला, उन्होंने सैयद सलार मसूद गाजी को सम्मानित कर राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव का अपमान किया है।

‘पीटीआई-भाषा’ से शनिवार को यहां बातचीत में अनिल राजभर ने कहा, ”वन्दे मातरम और भारत माता की जय कहने से इनकार करने वाले ओवैसी से तो उम्मीद नहीं, लेकिन राजा सुहेलदेव व राजभर समाज के नाम पर पार्टी बनाकर राजनीतिक रोटी सेंकने वाले ओम प्रकाश राजभर के गाजी को महत्व देने पर ज्यादा अफसोस है। राजभर समाज व देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।”

गौरतलब है कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के संस्‍थापक अध्‍यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सहयोगी ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा से विद्रोह के बाद अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ गठबंधन किया है।

गौरतलब है कि आठ जुलाई को एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम बहुल बहराइच शहर में अपनी पार्टी के पूर्वांचल कार्यालय का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद ओवैसी ने दरगाह शरीफ पहुंचकर सैयद सलार मसूद गाजी की मजार पर चादर चढ़ाई थी। इसके बाद भाजपा सांसद बृजलाल समेत कई नेताओं ने ओमप्रकाश राजभर पर निशाना साधा और कहा कि जिस महाराजा सुहेलदेव ने गाजी का वध किया था उसके अनुयायी ओवैसी से ओमप्रकाश राजभर ने हाथ मिलाकर उनका अपमान किया है।

इस विवाद के बाद बहराइच के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने शनिवार को यहां चित्तौरा झील पर स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर पहुंचकर महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा का मालार्पण किया।

अनिल राजभर ने कहा, ‘गजनी से आये क्रूर हमलावर महमूद गजनवी का भांजा सलार मसूद गाजी हमारे देश को लूटने आया था। इसी गाजी ने अयोध्या पर हमला किया। सन 1034 में हमारे पूर्वज राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर ने सैयद सलार मसूद गाजी का संहार किया था। ऐसे गाजी का सम्मान करना अपने महापुरुषों और संस्कृति का अपमान और देशद्रोह नहीं तो और क्या है?’

मंत्री ने कहा, ‘भाजपा ने देश के महापुरुषों को हमेशा सम्मान दिया है। कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए लखनऊ में सुहेलदेव की प्रतिमा लगाई गई, 2016 में अमित शाह ने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया, इसी वर्ष सुहेलदेव के नाम से एक्सप्रेस रेलगाड़ी चलाई, 2018 में डाक टिकट निकाला गया, 2020 में बहराइच के नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज को सुहेलदेव का नाम दिया और बीते फरवरी 2021 में बहराइच में बनने वाले महाराजा सुहेलदेव स्मारक पर्यटन स्थल के निर्माण कार्य का आरम्भ स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।’

अनिल राजभर ने अरोप लगाया, ‘मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने हमेशा हमारे महापुरुषों और महाराजा सुहेलदेव का अपमान किया है। जब-जब सपा की सरकार आई है तब-तब गाजी की दरगाह चमकाई गई है। बसपाई और कांग्रेसियों ने भी हमारे महापुरुषों का अपमान किया है। ओमप्रकाश राजभर और ओवैसी भी उसी राह पर हैं।’

भाषा सं आनन्द नेत्रपाल सुरभि

सुरभि