धर्मांतरण कानून के तहत दर्ज मामले की जांच पूरी, पुलिस ने दायर किया आरोप पत्र

Ads

धर्मांतरण कानून के तहत दर्ज मामले की जांच पूरी, पुलिस ने दायर किया आरोप पत्र

  •  
  • Publish Date - January 2, 2021 / 01:55 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:08 PM IST

लखनऊ/बिजनौर दो जनवरी (भाषा) करीब सवा माह पहले लाये गये नये कानून ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपविर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ के तहत दर्ज एक मामले में बिजनौर की पुलिस ने जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करने का दावा किया है।

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक डॉक्‍टर धर्मवीर सिंह ने ‘भाषा’ को बताया, ” दुष्‍कर्म, अपहरण और एससी-एसटी एक्‍ट की धाराओं के अलावा उप्र धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत शहर कोतवाली में दर्ज एक मामले में आरोप पत्र दायर किया गया है लेकिन इसके सबसे पहला आरोप पत्र होने का हम दावा नहीं कर सकते हैं।”

उन्‍होंने बताया कि शहर कोतवाली में सुसंगत धाराओं में दर्ज मुकदमे में 766/20 नंबर की चार्जशीट विगत 19 दिसंबर को ही लगाई गई है।

बिजनौर से मिली सूचना के अनुसार बिजनौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) कुलदीप कुमार गुप्‍ता ने शनिवार को बताया कि दलित महिला से झूठ बोलकर उसे प्रेम-जाल में फंसाने और शादी के लिए उसपर धर्म बदलने का दबाव डालने के आरोपी के विरुद्ध अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया है।

वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार अदालत में आरोप पत्र दाखिल किये जाने से पहले पुलिस उसे अभियोजन विभाग को विधिक परीक्षण के लिए भेजती है और यह आरोप पत्र अभी विधिक परीक्षण के लिए अभियोजन विभाग को भेजा गया है।

अभियोजन विभाग के सूत्रों ने बताया, ” आरोप पत्र मिलने के बाद विधिक परीक्षण के बाद ही उसे बिजनौर के मुख्‍य न्‍यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में दाखिल किया जाएगा।”

उल्‍लेखनीय है कि उत्‍तर प्रदेश में नये धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत बिजनौर के शहर क्षेत्राधिकारी (पुलिस उपाधीक्षक) कुलदीप कुमार गुप्‍ता ने अफजाल उर्फ सोनू उर्फ नामक एक युवक के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार बिजनौर जिले के मंडावली थाना क्षेत्र के श्‍यामीवाला निवासी भूरे के पुत्र अफजाल उर्फ सोनू पर एक दलित महिला का पिछले माह कथित रूप से अपहरण कर उसके साथ बलात्कार करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश का आरोप है।

पुलिस ने बताया कि पीड़िता के पिता को पहले इस युवक का नाम शहबाज पता चला और इसी नाम पर मामला भी दर्ज हुआ लेकिन पुलिस को विवेचना में पता चला कि शहबाज का असली नाम अफजाल है।

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार चंडीगढ़ में रहने वाली बिजनौर की एक युवती (19) और उसके परिवार के लोग चार दिसंबर को एक शादी में बिजनौर आये थे। आरोप के अनुसार युवती को सात दिसंबर को अफजाल बहला फुसला कर भगा ले गया। युवती के पिता ने नौ दिसंबर को अफजाल उर्फ शहबाज के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी। पुलिस ने अपहरण और नये धर्मांतरण कानून के साथ ही एससी-एसटी एक्‍ट के तहत मामला दर्ज कर नौ दिसंबर को ही युवती को बिजनौर से ही बरामद कर लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार युवती ने मजिस्‍ट्रेट के सामने बयान दिया, ‘‘अफजाल ने अपनी असली पहचान छिपाकर सोनू नाम बताकर उससे दोस्‍ती कर ली। इसके बाद उसका यौन शोषण किया और शादी के लिए धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।”

पुलिस ने दस दिसंबर को अफजाल को गिरफ़्तार किया, उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

उत्‍तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्‍यादेश-2020 को 27 नवंबर को राज्‍यपाल की मंजूरी मिलने के बाद से इस अधिनियम के जरिये अवैध रूप से धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाने के लिए पुलिस ने प्रदेश भर में मुकदमे दर्ज करने शुरू कर दिए। इस कानून के तहत सबसे पहला मामला बरेली जिले की देवरनिया थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था।

भाषा आनन्‍द सं अर्पणा

अर्पणा